LIC में OFS के विरोध में देश भर में बीमाकर्मियों का प्रदर्शन, 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन का होगा आगाज
आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन ने वित्तीय संस्थान में शत प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी बनाए रखने की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 5, 2026 at 10:53 PM IST
रायपुर: भारतीय जीवन बीमा निगम में OFS के माध्यम से सरकारी हिस्सेदारी फिर से कम करने को लेकर प्रदर्शन जारी है. कर्मचारी ने आज भी केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ देश भर में बीमाकर्मियों ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया. एलआईसी के देश भर में स्थित समस्त कार्यालयों के समक्ष आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के आव्हान पर गेट प्रदर्शन एवं सभाओं के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई कि इस महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान में शत प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी बनाये रखी जाए.
LIC में OFS के विरोध में बीमाकर्मियों का प्रदर्शन
जीवन बीमा निगम के रायपुर मंडल कार्यालय में आयोजित एक विशाल विरोध सभा को पूर्व सांसद एवं सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड तपन सेन ने संबोधित करते हुए बीमाकर्मीयों के आंदोलन का समर्थन किया. तपन सेन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार खुलेआम देश को बेचने के अभियान में जुटी हुई है. इसी क्रम में एलआईसी में OFS के माध्यम से सरकार अपनी हिस्सेदारी बेच रही है. देश को बेचे जाने के खिलाफ मजदूरो किसानों ने आक्रामक लड़ाई छेड़ने का फैसला किया है.
राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन की चेतावनी
ट्रेड यूनियन ने कहा कि 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के माध्यम से इन नीतियों का विरोध किया जाएगा. कामरेड तपन सेन ने कहा कि बीमा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धा के लिए निजी कंपनियों हेतु खोले जाने के बावजूद आज एलआईसी मार्केट लीडर बनी हुई है. आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन जैसे संगठन के नेतृत्व में बीमाकर्मियों ने एकजुट होकर एलआईसी ने विकास किया है. लेकिन देशी विदेशी निजी पूंजी के इशारों पर केंद्र सरकार एलआईसी के व्यवसाय को कम करने का षडयंत्र कर रही है.
उदारवादी नीतियों की चपेट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा, बैंक सहित सभी सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण किया जा रहा है. नई भर्ती में रोक लगी हुई है. हाल ही में जंतर मंतर के छात्र आंदोलन ने देश के लोकतांत्रिक आंदोलन को नया रास्ता दिखाया है. बीमाकर्मीयों को भी देश की आम जनता को अपने साथ जोड़कर संस्थान को बचाने के आंदोलन को और अधिक जुझारूपन के साथ संगठित करना होगा: ट्रेड यूनियन, रायपुर
सरकार सुनियोजित रूप से एलआईसी के निजीकरण की ओर बढ़ रही है. सरकार OFS के माध्यम से भारत के अग्रणी वित्तीय संस्थान में जनता की हिस्सेदारी का एक और भाग बाजार के हवाले करने जा रही है. इसके पहले मई 2022 में IPO के माध्यम से 3.5% की हिस्सेदारी बेची जा चुकी है. यह सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत करने की अपनी घोषित प्रतिबद्धता से सरकार लगातार पीछे हटते जाने का प्रमाण है: कामरेड धर्मराज महापात्र, AIIEA के राष्ट्रीय अध्यक्ष
AIIEA के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान
AIIEA के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड धर्मराज महापात्र ने कहा कि " कहा कि एलआईसी 29 करोड़ पालिसी धारकों की बचत का उपयोग राष्ट्र के विकास हेतु सुनिश्चित करती है. यह संस्था 59 लाख करोड़ की परिसम्पत्तियों का प्रबंधन देश हित में कर रही है. एलआईसी द्वारा सरकार को जुलाई 2026 में 12207 करोड़ का लाभांश प्रदान किया गया है.
प्रदर्शनकारियों ने पॉलिसीधारकों का उठाया मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह संस्था दुनिया के सार्वजनिक बीमा उद्योग मे प्रमुख स्थान रखती है. इतनी शानदार उपलब्धियों के बावजूद मात्र राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए एलआईसी की बोली लगाए जाने का हम कड़ा विरोध करते है. इससे देश के 29 करोड़ पॉलिसीधारकों की बचत पर खतरा पैदा हो गया है. बीमाकर्मीं देश भर की मेहनतकश जनता के साथ मिलकर एलआईसी के राष्ट्रीयकृत स्वरूप की रक्षा के संघर्ष को व्यापक स्वरूप प्रदान करेंगे.
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