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झारखंड में सरकारी एम्बुलेंस सेवा होगी दुरुस्त, स्वास्थ्य विभाग ने उठाया यह महत्वपूर्ण कदम

रांची में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक में एंबुलेंस खरीद, संचालन व्यवस्था और निविदा प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई.

Additional Chief Secretary in Health Department meeting
स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अपर मुख्य सचिव (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 24, 2026 at 8:46 PM IST

3 Min Read
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रांची: झारखंड में आपात स्थिति के लिए मरीजों को बेहतरीन एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार जल्द ही 720 नई एम्बुलेंस की खरीद करने जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में एंबुलेंस खरीद, संचालन व्यवस्था और निविदा प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

एक माह में होगी एम्बुलेंस खरीद की टेंडर प्रक्रिया

अपर मुख्य सचिव एके सिंह ने अधिकारियों को एक माह के भीतर एम्बुलेंस खरीद की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है. झारखंड में एम्बुलेंस सेवा को दुरुस्त करने को लेकर हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि पूर्व में स्वीकृत 30 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी रहेगी. इसके अलावा 20 अतिरिक्त एएलएस, 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एम्बुलेंस और 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (पीटीवी) खरीदे जाएंगे. इसके साथ ही राज्य में कुल 720 नई एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ जाएंगी.

बैठक में 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल खरीदने का निर्णय

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पूर्व में खरीदी गई तथा विभिन्न मदों से प्राप्त कई एंबुलेंस अब जर्जर हो चुकी हैं, इसके कारण विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो रही है, इसी स्थिति को देखते हुए 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल खरीदने का निर्णय लिया गया है. इन वाहनों को सीएचसी और पीएचसी स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि ग्रामीण मरीजों को समय पर रेफरल अस्पताल तक पहुंचाया जा सके.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन

पीटीवी का संचालन संबंधित सीएचसी एवं पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कराएंगे. इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रति वाहन प्रतिमाह 50 हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे. वही एएलएस एंबुलेंस सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में उपलब्ध रहेंगी तथा उनका संचालन संबंधित अस्पताल प्रबंधन करेगा. बीएलएस एंबुलेंस का संचालन चयनित एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा.

महत्वपूर्ण बैठक में यह भी तय किया गया है कि एएलएस और बीएलएस एंबुलेंस की उपयोग अवधि साढ़े छह साल अथवा 1.50 लाख किलोमीटर तथा पीटीवी एंबुलेंस की उपयोग अवधि 5 साल अथवा एक लाख किलोमीटर होगी.

निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किए जाए एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि एएलएस एंबुलेंस निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार किए जाए और उनमें सभी आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए. शुक्रवार की बैठक में विभाग के विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, एनएचएम के मिशन निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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