मेरठ जिला जेल में खूनी झड़प; कैदी की गर्दन पर वार, ज्यादा खून बहने से हालत गंभीर
घायल बंदी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 6, 2026 at 8:41 AM IST
मेरठ: चौधरी चरण सिंह जिला कारागार रविवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब जेल परिसर के भीतर ही दो बंदी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई. जेल प्रशासन की सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए एक बंदी ने दूसरे बंदी पर किसी नुकीली और धारदार वस्तु से जानलेवा हमला कर दिया.
जानकारी के मुताबिक, जेल के खेत में काम के दौरान कैदी की गर्दन पर नुकीला वार किया गया है. हमले में घायल बंदी की गर्दन की नस कट गई, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. आनन-फानन में उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
रविवार को रोजाना की प्रक्रिया के तहत जेल प्रशासन की कड़ी निगरानी में कुछ बंदियों को जेल परिसर के अंदर ही बने खेतों में काम के लिए ले जाया गया था. इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर दो गुटों के बंदी आपस में भिड़ गए. देखते ही देखते दोनों ओर से लात-घूंसे चलने लगे.
इसी बीच एक बंदी ने छिपकर रखी गई किसी नुकीली व धारदार वस्तु से मोजा नाम के बंदी की गर्दन पर सीधे वार कर दिया. हमला इतना सटीक था कि मोजा की गर्दन की नस कट गई और वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा. अचानक हुई इस हिंसक वारदात से वहां तैनात जेल सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया.
सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बीच-बचाव कर दोनों गुटों को अलग किया और घायल मोजा को पहले जेल के ही अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद भी जब खून बहना बंद नहीं हुआ और हालत नाजुक होने लगी, तो डॉक्टरों की सलाह पर उसे तुरंत एम्बुलेंस से मेरठ मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया.
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत एक्शन लिया गया है. बंदी को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.
जेल परिसर के अंदर किसी भी तरह की नुकीली या प्रतिबंधित वस्तु का पहुंचना सुरक्षा में गंभीर चूक है. इस बात की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि खेत में काम के दौरान वह वस्तु कहां से आई.
संबंधित बैरकों और घटना में शामिल सभी बंदियों की सघन तलाशी ली जा रही है. हमलावर बंदी को चिन्हित कर लिया गया है और उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक व कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

