उदंती टाइगर रिजर्व में जख्मी तेंदुआ मिला, गले में फंसे थे दो क्लच वायर, शिकारियों की घिनौनी करतूत
तेंदुए को बेहतर इलाज के लिए रायपुर जंगल सफारी अस्पताल शिफ्ट किया गया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 26, 2025 at 1:30 PM IST
|Updated : December 26, 2025 at 1:57 PM IST
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं नहीं थम रही है. उदंती सीतापुर टाइगर रिजर्व एरिया में एक जख्मी तेंदुआ मिला है. यह तेंदुआ करीब हफ्ते भर से जख्मी हालत में घूम रहा था, जिसे वन विभाग की टीम ने रस्सी के जाल के जरिए पकड़ा और इलाज किया. उदंती टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने घटना की जानकारी दी.
बफर एरिया के कोकोड़ी गांव में जख्मी तेंदुआ
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के तौरंगा (बफर) क्षेत्र के कोकोड़ी गांव की यह घटना है. शिकारियों ने तेंदुआ के गले में दो क्लच वायर के तार वाले फंदे फंसाए. करीब 7 दिन से ये फंदे गले में जकड़े होने की वजह से तेंदुआ बुरी तरह जख्मी हो गया.
आक्रामक हो गया था तेंदुआ
दर्द और भूख के कारण तेंदुआ आक्रामक हो गया और शिकार की तलाश में गांव के कुत्तों पर हमला कर चुका था. ग्रामीणों और बच्चों पर हमले का खतरा मंडरा रहा था. इसकी सूचना मिलने पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम एक्शन में आई.
घनी झाड़ियों में था तेंदुआ
उदंती टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि सहायक संचालक (उदंती) गोपाल कश्यप ने ड्रोन से तेंदुए की लोकेशन और उसकी गंभीर स्थिति देखी. घनी झाड़ियों के कारण ड्रोन पूरी तरह काम नहीं कर पाया.
एसडीओ ने दिखाई बहादुरी
उदंती के अधिकारियों ने आगे बताया कि एसडीओ गोपाल कश्यप ने खुद अपनी जान जोखिम में डालकर अकेले रस्सी का जाल फेंककर एंटी पोचिंग टीम की मदद से तेंदुए को दबोच लिया. इस दौरान तेंदुए ने उन पर हमला भी किया, लेकिन बहादुरी से टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया.
जंगल सफारी के डॉक्टर ने किया इलाज
गजराज रेस्क्यू वाहन में पिंजरे में बंद कर रात भर एक्शन जारी रहा. सुबह 4 बजे तेंदुए को सुरक्षित रूप से जंगल सफारी अस्पताल पहुंचाया गया. जंगल सफारी के डॉक्टर जय किशोर जडिया और उनकी टीम ने देर रात पहुंचकर तेंदुए का इलाज किया. पहले तेंदुए को बेहोश किया गया फिर गले से दोनों फंदे निकाले और ड्रिप चढ़ाकर प्राथमिक इलाज किया.
शिकारियों की तलाश में जुटा वन विभाग
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन्यप्राणी अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया है. डॉग स्क्वॉड, स्पाई कैमरे और गोपनीय सूचनाओं के जरिए शिकारियों की तलाश की जा रही है.
शिकारियों को पकड़ने इनाम
शिकारियों की जानकारी देने पर 5 से दस हजार रुपये तक का इनाम भी रखा गया है. सूचना देने के लिए डीएफओ वरुण जैन ने अपना मोबाइल नंबर 7568127875 जारी किया है.
सक्रियता से बची तेंदुए की जान
एसडीओ गोपाल कश्यप की बहादुरी, डॉ. जय किशोर जडिया की मेडिकल टीम और पूरी एंटी पोटिंग टीम के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता ने एक वन्य जीव की जान बचाई गई.अवैध शिकार से न सिर्फ जंगली जानवरों की जान जाती है बल्कि यह इंसानों के लिए भी खतरा पैदा करता है.
एंटी-पोचिंग टीम के सदस्य
- एसडीओ जगदीश प्रसाद
- भोपाल सिंह राजपूत
- केजूराम कोरचे
- चन्द्रबली ध्रुव
- डॉग स्क्वाड प्रभारी मनीष राजपूत

