ETV Bharat / state

हाईकोर्ट ने कहा- RTI में मांगी सूचना सार्वजनिक हित में नहीं, तो निजी मानी जाएगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना यदि सार्वजनिक हित में नहीं है, तो उसे निजी सूचना माना जाएगा.

Photo Credit: ETV Bharat
इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 10:05 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना यदि सार्वजनिक हित में नहीं है, तो उसे निजी सूचना माना जाएगा. कोर्ट ने,सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि मांगी गई जानकारी का किसी सार्वजनिक गतिविधि या हित से कोई संबंध नहीं है, तो उसे व्यक्तिगत जानकारी माना जाएगा.

राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपील दायर: ऐसे में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उसके खुलासे पर रोक रहेगी. यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार ने मित्रसेन कुमार सिंह की याचिका पर दिया. मऊ निवासी याची मित्रसेन कुमार सिंह ने आरटीआई के माध्यम से ग्राम पंचायत परसुपुर मुबारकपुर, मऊ के परिवार रजिस्टर में ''प्रदुम्न'' नामक व्यक्ति का नाम दर्ज किए जाने से संबंधित जानकारी मांगी थी. इसके बाद राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपील दायर की.

हाईकोर्ट ने सूचना आयोग के फैसले को बरकरार रखा: आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के गिरीश राम चंद देश पांडेय मामले का हवाला देते हुए कहा कि मांगी गई जानकारी व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित है और 19 सितंबर 2024 के आदेश से अपील खारिज कर दी. याची ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी. कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद राज्य सूचना आयोग के फैसले को बरकरार रखा.

कोर्ट ने कहा कि याची यह साबित करने में विफल रहा कि मांगी गई जानकारी का किसी भी सार्वजनिक गतिविधि या जनहित से क्या संबंध है. हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया.

यह भी पढ़ें- बिना LDA का पक्ष सुने अंसल मामले में कोई फैसला नहीं देगा नेशनल लॉ ट्रिब्यूनल