इंदौर में मौतों पर राजनीति!, भागीरथपुरा में भाजपा ने कांग्रेसियों का रोका रास्ता, कार्यकर्ता गिरफ्तार
इंदौर के दूषित पानी से हुई मौतों पर सियासत, आमने-सामने भाजपा कांग्रेस, कांग्रेस के जांच दल को रास्ते में रोका, कई कांग्रेसी कार्यकर्ता गिरफ्तार.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 7:50 PM IST
इंदौर: देश भर में दूषित पानी के कारण चर्चा का विषय बने भागीरथपुरा कांड पर अब राजनीति शुरू हो गई है. शनिवार को कांग्रेस के जांच दल ने यहां पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मिलने का प्रयास किया लेकिन विरोध में उतरे भाजपा नेताओं और पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया. लिहाजा इस दौरान जमकर नारेबाजी और धक्का मुक्की हुई. वहीं भाजपा से जुड़ी महिलाओं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाकर उन पर चूड़ियां फेंकने का प्रयास किया.
भागीरथपुरा में कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों में से पुलिस ने करीब 40 से 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेजा है. कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में आरोप लगाया है कि दूषित पानी से लोगों की जान लेने वाले भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने उन्हें पीड़ित परिजनों के यहां भी नहीं जाने दिया. यह गुंडागर्दी और लोकतंत्र की हत्या है.
पीड़ितों से मिलने पहुंचा कांग्रेस जांच दल
अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच दल शनिवार को भागीरथपुरा में दूषित पानी के शिकार हुए मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचा था. जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा, विधायक महेश परमार, विधायक प्रताप ग्रेवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, वरिष्ठ नेता राजेश चौकसे, गिरधर नागर, ठाकुर जीतेन्द्र सिंह, अमन बजाज, सच सलूजा, प्रेम खडायता, अमित पटेल प्रदेश, अमित चौरसिया सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे. कांग्रेस के जांच दल ने सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर पर पहुंचकर उनके परिजन से भेंट की.
कांग्रेस-भाजपा आमने सामने
इसके बाद जैसे ही अन्य मृतकों के परिजनों से मिलने के लिए आगे बढ़े तो भागीरथपुरा टंकी के पास बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने कांग्रेस नेताओं का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस जनों को काले झंडे दिखाकर वापस जाओ के नारों के साथ विरोध शुरू कर दिया. लिहाजा मौके पर दोनों ही पक्षों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई. इसके बाद वहां पहले से मौजूद 3 थानों की पुलिस बल ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को वहीं रोक दिया. जिस कारण कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पुलिस पर भाजपा नेताओं के इशारे पर कार्रवाई करने का आरोप लगाकर विरोध करने लगे.
'भाजपा का सुनियोजित हमला है यह'
इससे मौके पर गहमागहमी और बढ़ गई. इस दौरान भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेसियों पर चूड़ियां भी फेंकने का प्रयास किया. इसी बीच पुलिस ने दोनों पक्षों को वहीं रोक दिया. इस दौरान दोनों दलों के नेता और कार्यकर्ता जमकर नारेबाजी कर रहे थे. इधर कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस घटना को भाजपा का सुनियोजित हमला बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा यह सच, न्याय और लोकतंत्र पर हमला है.
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'लोकतांत्रिक परंपरा की हत्या पर उतारू है बीजेपी'
कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा ने कहा, "भाजपा सरकार की नाकामी, भ्रष्टाचार और लापरवाही से मरे लोगों के सवालों से घबराकर अब बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता हिंसा का सहारा ले रहे हैं." उन्होंने कहा "जिन परिवारों ने अपनों को खोया है. कांग्रेस उनके साथ खड़ी है. उधर प्रदर्शन कर रहे करीब 40 से 50 कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल की ओर रवाना कर दिया. इस पर सज्जन वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि "भाजपा के लोग अब कांग्रेस को पीड़ित परिजनों से भी मिलने देना नहीं चाहते हैं, ये लोकतांत्रिक परंपरा की हत्या करने पर उतारू हैं."

