एलिवेटेड नहीं ग्राउंडेड बनेगा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, इंदौर-उज्जैन के किसानों के लिए सीएम का फैसला
मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 10:40 PM IST
भोपाल : उज्जैन में ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लेकर किसानों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा फैसला लिया है. सीएम ने कहा है कि इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए एलिवेटेड नहीं बल्कि ग्राउंडेड यानी जमीनी स्तर पर ही बनाया जाएगा. सीएम ने यह भी कहा कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा भी दिया जाएगा.
किसानों ने सीएम के सामने रखी मांगें
बुधवार को बड़ी तादाद में किसान ट्रैक्टर लेकर उज्जैन में प्रदर्शन करने पहुंचे थे. इसके बाद कलेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों के बारे में शासन से चर्चा की जाएगी. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव से किसान बुधवार शाम मिले और उनके प्रतिनिधियों ने सीएम के सामने अपनी मांगे रखीं.

किसानों के हित में सीएम का फैसला
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान कहा, '' मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा 2935.15 करोड़ रु की लागत से इस फोर लेन का निर्माण किया जाना है. इस परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिहाज से कार्य किया जाएगा. इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों पर वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन भी बनाया जाएगा.

इस वजह से विरोध में उतरे थे 90 गांव के किसान
बुधवार को उज्जैन व इंदौर के 90 गांवों के किसान तकरीबन 150 ट्रैक्टर लेकर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का विरोध करने पहुंचे थे. किसानों का कहना था कि इस मार्ग को सामान्य हाईवे की तरह बनाया जाए 20-40 फुट ऊंचाई नहीं दी जाए, दूसरा तीनों जिले के प्रभावित किसानों को बाजार मूल्य का मुआवजा दिया जाए. मांग नहीं मानने पर किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी थी, लेकिन सीएम से बातचीत के बाद किसान बैकफुट पर आ गए हैं.
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, '' इंदौर-उज्जैन के पुराने मार्ग से आने-जाने के लिए भी परिवहन होता रहा है. पिछले कुछ वर्षों में छोटा मार्ग होने की वजह से दुर्घटनाएं होती रही है, लेकिन अब इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनने से ये सिलसिला भी थम जाएगा.''
सीएम ने आगे कहा, ''हमने किसानों की बातों को सुना है और किसानों से विचार विमर्श किया है. इसके बाद हमे फैसला लिया है कि ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग को उनकी मांग अनुरूप एलिवेटेडे नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा और इस परियोजना के कार्यों को उसी तरह गति दी जा रही है.''
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सीएम ने आगे कहा, 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के बाद ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लेकर आगे की प्रक्रिया जारी है. आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या में आमजन को लाभान्वित करेगी.

