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इंदौर का भू-जल भी प्रदूषित, नई बोरिंग पर सख्ती से प्रतिबंध, रोजाना 105 टंकी की जांच

इंदौर में पेयजल की समीक्षा की मीटिंग के बाद दावा कि डेढ़ माह में भागीरथपुरा में पुरानी पाइपलाइन बदलकर नर्मदा जल सप्लाई होने लगेगा.

Indore Banned New Borewells
इंदौर का भू-जल भी प्रदूषित, नए बोरिंग पर प्रतिबंध (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 10, 2026 at 6:49 PM IST

4 Min Read
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इंदौर : इंदौर में नर्मदा जल ही नहीं, बोरिंग से सप्लाई होने वाला भूमिगत जल भी प्रदूषित है. राज्य शासन ने इंदौर में अब बोरिंग के खनन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. शनिवार को इंदौर के भागीरथपुरा की स्थिति की समीक्षा के बाद शहर में स्वच्छ जल की आपूर्ति के लिए सभी 105 पानी की टंकियों की रोजाना निगरानी करने का निर्णय लिया गया.

इंदौर शहर की पेयजल सप्लाई की समीक्षा

भागीरथपुरा के अलावा पूरे इंदौर शहर में स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए रेसीडेंसी में संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया "भागीरथपुरा में पीने के पानी के सैंपल लेकर निरंतर जांच की जा रही है."

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (ETV BHARAT)

"पूरी तरह पीने योग्य होने की पुष्टि के बाद 3 दिन के भीतर नर्मदा का पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा. भागीरथपुरा में 114 शासकीय एवं 80 से अधिक निजी ट्यूबवेल हैं. ट्यूबवेल का पानी परीक्षण में पानी पीने योग्य नहीं पाए जाने पर सभी ट्यूबवेल में क्लोरीनेशन कराया गया है."

भागीरथपुरा में पाइपलाइन का 30 फीसदी काम पूरा

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा "बोरिंग का पानी भी दूषित होने के कारण इंदौर जिला प्रशासन को शहर में बोरिंग के खनन को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए गए हैं. फिलहाल भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन का कार्य प्रगति पर है. लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी टेस्टिंग भी पूर्ण हो चुकी है. नागरिकों से अपील की गई है कि ट्यूबवेल का पानी पीने में उपयोग न करें, केवल साफ-सफाई व अन्य घरेलू कार्यों में ही लें."

Indore Banned New Borewells
इंदौर शहर की पेयजल सप्लाई की समीक्षा (ETV BHARAT)

भागीरथपुरा में स्वास्थ्य अमला रहेगा मौजूद

कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया "भागीरथपुरा में फिलहाल स्थिति सामान्य है लेकिन वहां प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है. क्षेत्र के लगभग 50–60 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु संपूर्ण स्वास्थ्य दल तैनात रहेगा. जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा. प्रभावित नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे."

भागीरथपुरा की पूरी पाइप लाइन बदली जाएगी

भागीरथपुरा के 30 प्रतिशत क्षेत्र में जल्द ही नर्मदा जल सीधे उपलब्ध कराया जाएगा. अभी शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति की जाएगी. टैंकर का पानी शुद्ध है, फिर भी नागरिकों को उबालकर पीने की सलाह दी गई है.

इसके अलावा भागीरथ की पूरी वाटर सप्लाई लाइन भी नए सिरे से डाली जा रही है, जिसका कार्य इस महीने पूर्ण हो जाएगा. इसके अलावा शहरभर में पेयजल गुणवत्ता की सघन निगरानी के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी.

पानी की गुणवत्ता के लिए विशेष सेल बनेगा

विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया "नगर निगम की सभी 105 जल टंकियों पर सुदृढ़ जल जांच व्यवस्था लागू होगी. प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से सैंपल लेकर जांच की जाएगी. जांच और गुणवत्ता की मॉनीटरिंग के लिये विशेष सेल भी बनाया जायेगा." अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई ने बताया "इंदौर में विकास कार्यों और शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिये सभी आवश्यक मदद दी जायेगी."

मीटिंग में सभी विधायक और अफसर मौजूद रहे

बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर जिले के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित विधायकगण रमेश मेंदोला, महेन्द्र हार्डिया, मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.