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इंदौर का भागीरथपुरा बना पुलिस छावनी, पीड़ितों से मिल सिंघार बोले-विधानसभा में ऊठाएंगे मुद्दा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा "दूषित पानी से मौतें नहीं, सरकारी हत्याएं. दुखद ये कि एक जान की कीमत महज 2 लाख."

Indore Bhagirathpura police camp
इंदौर के भागीरथपुरा में जीतू पटवारी व उमंग सिंघार पीड़ितों के घर (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 4:38 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 5:44 PM IST

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इंदौर: भागीरथपुरा में जहरीले पानी से मौतें और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद प्रभावित इलाके में गतिविधियां तेज हैं. भागीरथपुरा में हाल ही में कांग्रेस के सज्जन वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं की तीखी झड़प हुई थी. ऐसे में जब मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे तो भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया. जगह-जगह बैरीकेडिंग की गई. दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की.

पीड़ितों को राहत के नाम पर लीपापोती का आरोप

भागीरथपुरा राजनीति का केंद्र बन चुका है. मंगलवार को कांग्रेस के उमंग सिंघर और जीतू पटवारी के साथ कई कांग्रेसी भागीरथपुरा पहुंचे. कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों से चर्चा की. इस दौरान जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर पीड़ितों के साथ राहत के नाम पर लीपापोती करने के आरोप लगाते हुए प्रति पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की.

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (ETV BHARAT)

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहुंचा भागीरथपुरा

जीतू पटवारी ने इंदौर जिला प्रशासन और राज्य शासन से पीड़ितों से मिलने का समय मांगा था. मंगलवार को निर्धारित समय के अनुसार नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, उषा नायडू, जीतू पटवारी के अलावा अमित पटेल, सचिन यादव, रीना बोरासी, चिंटू चौकसे, विपिन वानखेड़े, शोभा ओझा समेत कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोग भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिजनों से चर्चा की.

Indore Bhagirathpura police camp
भागीरथपुरा में पाइप लाइनों की मरम्मत (ETV BHARAT)

उमंग सिंघार ने पूछे सरकार से सवाल

उमंग सिंगार ने आरोप लगाते हुए कहा "राज्य सरकार ने प्रशासनिक रूप से अस्पताल में भी पुलिस लगा रखी है. यह बात समझ से परे है कि इस मामले में सरकार को इतना डर क्यों है, उन्होंने सवाल उठाया की क्या यह सरकार की असंवेदनशीलता है या फिर नाकामी है, क्योंकि जिस तरीके से घटना घटी है. उसमें सरकार ने पूरी तरह असंवेदनशीलता का परिचय दिया. उन्होंने कहा मैं सरकार में शामिल लोगों से पूछना चाहता हूं कि आपके यहां भी भागीरथपुरा से पानी पहुंचता है, जिस पर संज्ञान लेने की जरूरत है, क्योंकि सबको यही प्रयास करना चाहिए कि इंदौर स्वच्छ कैसे बने.

विपक्ष की आवाज को दबा रही है सरकार

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा "पंचायत की बैठक में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं लेकिन भागीरथपुरा में लोगों की मौत की कीमत सरकार ने महज दो लाख तय कर रखी है. कांग्रेस इसका विरोध कर रही है तो विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है." जब कांग्रस प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिल रहा था, उस समय लोगों ने नगर निगम प्रशासन के प्रति रोष प्रकट किया. लोगों का कहना है कि दो साल से दूषित पानी की शिकायत की जा रही है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

इंदौर दूषित पानी मामले में उमंग सिंघार का बयान (ETV Bharat)

विधानसभा में उठाया जाएगा मुद्दा

सिंघार ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम सरकार की गलतियों का परिणाम है. जिसका खामियाजा आम गरीब और मजबूर जनता को भुगतना पड़ रहा है. आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा में इस मामले को उठाया जाएगा. जिसमें सरकार को जनता से जुड़े मुद्दे पर जवाब देना होगा.

Last Updated : January 6, 2026 at 5:44 PM IST