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इंदौर में पार्षद ने सड़क के बीचोंबीच खुदवाया बोरवेल, वाहन चालकों को चैलेंज- कब तक बचोगे

इंदौर में पार्षद ने विधायक निधि से रोड पर बोरिंग मशीन से बोर कराया. तर्क ये कि रहवासियों से सहमति ली है.

Borewell Drilled Middle Road
इंदौर में पार्षद ने सड़क के बीचोंबीच खुदवाया बोरवेल (Source : Getty)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 3, 2026 at 4:01 PM IST

3 Min Read
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इंदौर : क्या आपने कभी सुना है कि किसी शहर में सड़क के बीचोंबीच बोरिंग हो. देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ये कारनामा हुआ है. ताज्जुब ये है कि क्षेत्रीय पार्षद की मौजूदगी में बोरिंग हुई. अब पार्षद दुहाई दे रहे हैं कि जनता की मांग पर सड़क पर बोरिंग कराई है. इंदौर नगर निगम ने विधायक निधि से स्वीकृत सरकारी बोरिंग कहीं और नहीं बल्कि बीच सड़क पर ही करा दी. अब स्थानीय पार्षद सफाई देते फिर रहे हैं.

विधायक निधि से स्वीकृत कराया फंड

इस साल भीषण गर्मी के चलते जहां हजारों की संख्या में बोरिंग सूख गए. जमीन में पानी तलाशना भी किसी चुनौती से काम नहीं रहा. इन हालातों में जब शहर के वार्ड क्रमांक 50 में जल संकट के चलते बोरिंग करने की तैयारी हुई तो पता चला जिस स्थान पर सड़क है, वहीं पानी की संभावना है. इतना ही नहीं सड़क के एक तरफ नर्मदा लाइन थी तो दूसरी तरफ कॉलोनी की ड्रेनेज लाइन. ऐसी स्थिति में पार्षद राजीव जैन को कोई और तरीका नहीं सूझा तो उन्होंने स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया द्वारा स्वीकृत विधायक निधि से सड़क के बीचोंबीच की बोरिंग करवा दी.

Borewell Drilled Middle Road
पार्षद बोले- रहवासियों की सहमति से कराई बोरिंग (ETV BHARAT)

इंदौर में बोरिंग पर प्रतिबंध का उल्लंघन

खास बात यह है कि बोरिंग उस समय कराई गई, जब जिला प्रशासन की ओर से बोरिंग करवाने पर प्रतिबंध लगा है. रातों-रात बोरिंग मशीन से बोरिंग करवा दी गई. सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क के बीच में बोरिंग देखी तो आश्चर्य में पड़ गए, क्योंकि बीच सड़क पर बोरिंग होने से गुजरने वाले वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. बोरिंग के कारण भविष्य में दुर्घटना की भी आशंका रहेगी.

स्थानीय निवासी नरेश पौडवाल का कहना है "गली नंबर 1 में बोरिंग होने से अब टू व्हीलर के अलावा फोर व्हीलर वाहन चालकों को सड़क से गुजरने में विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है. यदि समय रहते इस अंडरग्राउंड नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. फिलहाल कम से कम बोरिंग के चारों ओर सुरक्षा घेरा या बेरीकेडिंग जरूरी है."

पार्षद बोले- रहवासियों की सहमति से कराई बोरिंग

पार्षद राजीव जैन का कहना है "सड़क के बीच बोरिंग कराने का निर्णय स्थानीय रहवासियों की सहमति से लिया गया. बोरिंग के दौरान वह स्वयं रात में मौके पर मौजूद रहे. सड़क के बीच बोरिंग नहीं कराने की सलाह उन्होंने रहवासियों को दी थी. लेकिन रहवासियों ने बताया कि सड़क के दोनों किनारों पर सीवरेज लाइन और नर्मदा जल प्रदाय लाइन बिछी हुई है. ऐसी स्थिति में किनारे पर बोरिंग कराना संभव नहीं है. इसके बाद आपसी सहमति से सड़क के बीच बोरिंग कराने का निर्णय लिया गया."

गैस पाइपलाइन पर हुआ था अग्निकांड

बीते दिनों शहर में बोरिंग के दौरान अवंतिका गैस लिमिटेड की गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से विस्फोट हो गया था, जिसमें 4 लोग झुलस गए थे. इस मामले में भी बिना पर्याप्त जांच के बोरिंग कराए जाने को लेकर सवाल उठे थे. ऐसे में गिरधर नगर में सड़क के बीच कराए गए बोरिंग को लेकर भी सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर सवाल खड़े हो रहे हैं.