800 करोड़ से अंडरग्राउंड दौड़ेगी इंदौर मेट्रो, कैलाश विजयवर्गीय का मास्टर मेट्रो ट्रेन प्लान, बचेंगे गमले
इंदौर के बड़े गणपति से मल्हारगंज तक अंडरग्राउंड दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन. कैलाश विजयवर्गीय ने मास्टर प्लान किया रिवील. 800 करोड़ बढ़ेगी लागत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 3, 2025 at 11:02 PM IST
|Updated : November 4, 2025 at 7:17 AM IST
इंदौर: मेट्रो ट्रेन के भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर से बिगड़ती इंदौर की सूरत को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब इंदौर मेट्रो का अगला रूट सड़कों के बीच से नहीं, बल्कि अंडरग्राउंड बनाया जाएगा. यह फैसला आज नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया. बैठक में खुद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने माना कि शहर की सड़कों के बीच से मेट्रो बनाने का निर्णय गलती था. उन्होंने भविष्य में मेट्रो को अंडरग्राउंड ही ले जाने के निर्देश दिए.
मेट्रो रूट पर सहमति बनने में देरी
इंदौर में मेट्रो के अगले रूट को लेकर पिछले कई महीनों से असमंजस बना हुआ था. जून 2024 के बाद से ही यह तय नहीं हो पा रहा था कि नया रूट सड़क के बीच से जाएगा या अंडरग्राउंड रहेगा. सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और विभागों ने यह तय किया कि आगामी मेट्रो रूट पूरी तरह अंडरग्राउंड रहेगा.
अंडरग्राउंड रूट बनाए जाने से परियोजना की लागत में 700 से 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ आएगा. बैठक में इस अतिरिक्त राशि को भी वहन करने पर सहमति बन गई है. अधिकारियों का मानना है कि शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को बचाने के लिए यह अतिरिक्त खर्च के निर्णय ही सही रहेगा.
'विजयनगर से लवकुश चौराहे तक सड़क बिगड़ गई'
नगरीय प्रशासन मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बैठक में मौजूद थे. उन्होंने स्वीकार किया कि मेट्रो के मौजूदा ढांचे ने शहर की सबसे सुंदर सड़क विजयनगर चौराहा से लवकुश चौराहा की खूबसूरती को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा, मेट्रो के बड़े-बड़े पिलर और स्टेशन स्ट्रक्चर ने पूरी सड़क को जाम कर दिया है. विजयनगर चौराहे पर अब ओवरब्रिज बनाना भी मुश्किल हो गया है, जबकि लवकुश और रेडिएशन चौराहों की स्थिति भी ठीक नहीं है.
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20 किलोमीटर क्षेत्र में हरियाली और यातायात प्रभावित
अब तक सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक का मेट्रो रूट मुख्य सड़कों के बीच से बनाया गया है. इससे करीब 20 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में हरियाली में भारी कमी आई है और मेट्रो स्टेशनों के निर्माण से यातायात लगातार बाधित हो रहा है. विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि मल्हारगंज इलाके में किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाएगा. सॉइल टेस्ट के बाद वहां का स्टेशन अंडरग्राउंड बनाया जाएगा. उन्होंने कहा, शहर की सुंदरता के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. इसलिए बड़े गणपति से लेकर मल्हारगंज क्षेत्र तक मेट्रो अंडरग्राउंड ही गुजरेगी.

