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पाताल से जमीन तक चलेगी इंदौर में मेट्रो ट्रेन, थाइलैंड से आ रही करिश्माई मशीनें खोदेंगी सुरंगे

इंदौर मेट्रो रेल परियोजना में अंडरग्राउंड रूट पर काम तेज. सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक टनल खोदने थाइलैंड से आ रही TBM मशीनें.

Indore metro project Tunnels
इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के तहत अंडरग्राउंड रूट पर काम तेज. (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 29, 2026 at 6:23 PM IST

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Updated : June 30, 2026 at 12:40 PM IST

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इंदौर : इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना का दूसरा चरण पूरा होने व इस पर यात्रियों का सफर शुरू होने के साथ ही अब नया इतिहास लिखने की तैयारी. मेट्रो परियोजना के तहत जमीन से नीचे 20 मीटर गहराई तक खुदाई करने में सक्षम बोरिंग मशीन बहुत जल्द इंदौर पहुंचने वाली हैं. इन मशीनों के पार्ट्स जर्मनी में बने हैं, लेकिन इन्हें थाईलैंड में असेंबल किया गया है. असेंबल होने के बाद ये मशीनें इंदौर पहुंचेंगी.

जमीन के 20 मीटर नीचे उतरेंगी मशीनें

योजना के मुताबिक जिस प्रकार इंदौर की भौगोलिक संरचना है, उसके अनुसार ये मशीनें कारगर साबित होंगी. शहर के बीचोंबीच मेट्रो का बड़ा अंडरग्राउंड रूट बनना है. इस रूट पर दशकों पुराने मकान हैं. इसलिए प्लानिंग के तहत इन मकानों को क्षति पहुंचाए बगैर मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना है. इन मशीनों का निरीक्षण मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारी कर चुके हैं. उम्मीद है कि अगले दो माह के अंदर इंदौर में एयरपोर्ट से टनल खुदाई का काम शुरू होगा. 4 मशीनें टनल बनाने में मदद करेंगी. ये मशीनें जमीन से करीब 20 मीटर नीचे उतरकर टनल खोदेंगी.

अतिरिक्त लागत की भरपाई राज्य सरकार करेगी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी "इंदौर के घने रिहायशी और कमर्शियल इलाकों से गुजरने वाली 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय अंडरग्राउंड बनाई जाएगी. लगभग ₹900 करोड़ के अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी." इदौर में 2019 से मेट्रो लाइन का निर्माण चल रहा है, लेकिन घनी आबादी वाले रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में प्रोजेक्ट को लगातार रुकावटों का सामना करना पड़ा है.

रिहायशी व कमर्शियल भवन बचाना प्राथमिकता

मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार "यह फ़ैसला बेहतर ट्रैफ़िक मैनेजमेंट, लोगों की सुविधा और शहर के विकास व सुंदरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया." खजराना स्क्वायर और रेलवे स्टेशन के बीच 3.3 किलोमीटर तक मेट्रो ज़मीन के नीचे चलेगी, यहां पहले एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव था. इस इलाके में बहुत सारे घर और कमर्शियल संस्थान हैं.

अगस्त से टनल की खुदाई होगी शुरू

मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला के मुताबिक "थाईलैंड से दो टनल बोरिंग मशीन बुलवाई जा रही हैं, जो जुलाई अंत तक आ जाएगी. इन मशीनों को एयरबोट के जरिए इंस्टॉल किया जाता है और इंस्टॉल करने में ही करीब 1 महीने का समय लगेगा. इंदौर मेट्रो की अंडरग्राउंड खुदाई का काम अगस्त से शुरू हो जाएगा. फिलहाल यह काम मेट्रो रेल कंपनी द्वारा हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और टाटा प्रोजेक्ट के संयुक्त ज्वाइंट वेंचर को दिया है, जिसकी लागत करीब 2191 करोड़ है."

Last Updated : June 30, 2026 at 12:40 PM IST