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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया- ग्लोबल चैलेंज का सामना भारत का युवा कैसे करेगा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विश्वविद्यालयों में हो रहे अनुसंधान, नए प्रयोगों को और विस्तार कर आगे ले जाने का आह्वान किया.

Indore university Om Birla
इंदौर में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 27, 2026 at 4:42 PM IST

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रिपोर्ट : सिद्धार्थ माछीवाल

इंदौर: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं वैश्विक चुनौतियों का सामना मजबूती से कर रहे हैं. वर्तमान दौर में जो चुनौतियां भारत के समक्ष हैं, उनसे निपटने की ताकत यवाओं में है. विश्वविद्यालय के युवाओं के रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन ही भविष्य में भारत की असली ताकत होंगे.

युवाओं को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालयों का योगदान

शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इंदौर के निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में ये बात कही. दीक्षांत समारोह में भाग लेने ओम बिरला शुक्रवार सुबह इंदौर पहुंचे. यहां बीजेपी नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. कुछ देर रेसीडेंसी कोठी में विश्राम करने के बाद वह दीक्षांत समारोह में पहुंचे. यहां ओम बिरला ने छात्रों को उपाधियां प्रदान की. ओम बिरला ने कहा "आज भारत के सामने जो वैश्विक चुनौती हैं, उसका सामना भारत मजबूती से कर रहा है. युवाओं को इस योग्य बनाने में भारत के विश्वविद्यालयों का बड़ा योगदान है."

युवाओं को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालयों का योगदान (ETV BHARAT)

पूरी दुनिया भारत के युवाओं को देख रही है

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा "युवाओं के माध्यम से भारत के समक्ष आने वाली वैश्विक चुनौतियों का समाधान संभव है. आज दुनिया के सारे देश भारत के युवाओं की ओर देख रहे हैं, क्योंकि अन्य देशों की तुलना में भारतीय युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा है, जो देश की दिशा और दशा तय करेंगे. यह भारत के नौजवानों का सामर्थ्य है कि नए-नए स्टार्टअप, रिसर्च और टेक्नोलॉजी आधारित इनोवेशन की बदौलत विकसित भारत का निर्माण हो रहा है."

विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना

इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के होनहार छात्रों को डिग्री एवं मेडल प्रदान किए. उन्होंने इंदौर के शिक्षा एवं संस्कार का जिक्र करते हुए कहा "अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा से 140 साल पहले इंदौर में वस्त्र व्यवसायियों ने अपने स्तर पर कुछ राशि एकत्र करके इस विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, जो आज भारतीय शिक्षा सस्कृति की परंपरा को निभा रहा है." इस अवसर पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने भी संबोधित किया.