खजराना मंदिर में भी महाकालेश्वर की तर्ज पर होगा बदलाव, लागू होगा गर्भगृह का ड्रेस कोड
खजराना गणेश मंदिर प्रबंध समिति ने तय किया कि पुजारी के अलावा गर्भगृह में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं का भी अलग से ड्रेस कोड होगा.सिद्धार्थ माछीवाल की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 22, 2026 at 9:44 PM IST
इंदौर: देश के कई मंदिरों में पूजा-पाठ और अभिषेक के दौरान पहनावा तय होने के बाद इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में भी अब ड्रेस कोड लागू करने की तैयारी है. जिसको पहनने के बाद ही मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया जा सकेगा.
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में गर्भ गृह में प्रवेश के लिए धोती सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना जरूरी किया गया है. लिहाजा खजराना मंदिर में भी न केवल पुजारी बल्कि गर्भगृह में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पूजा-पाठ और अभिषेक के दौरान पहनावा तय करने की मांग लगातार उठ रही थी. जिसको देखते हुए श्री खजराना गणेश मंदिर प्रबंध समिति ने अब तय किया है कि खजराना गणेश मंदिर में पुजारी के अलावा गर्भगृह में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं का भी अलग से ड्रेस कोड होगा. बिना ड्रेस कोड का पालन किए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध होगा.
पूजा-पाठ और अभिषेक के दौरान पहनावा तय करने की लगातार उठ रही थी मांग
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया "देश के कई मंदिरों में इस तरह की व्यवस्था लागू है. इससे मंदिर में पुजारी के अलावा श्रद्धालुओं के पहनावे को लेकर भी सादगी नजर आती है. इतना ही नहीं ड्रेस कोड अथवा पहनावे से संबंधित पुजारी अथवा यजमान की भी पहचान सुनिश्चित होती है. लिहाजा महाकाल मंदिर की तरह ही अब खजराना गणेश मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया जाएगा."
उन्होंने बताया "इसके लिए पुजारियों की एक पैनल का निर्धारण किया जा रहा है जो देश के अन्य तमाम मंदिरों के पहनावे का अध्ययन अथवा शास्त्र सम्मत व्यवस्था के तहत ड्रेस कोड का निर्धारण करेगा. जिसे प्रबंध समिति की सहमति के बाद लागू कर दिया जाएगा."
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मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट बताते हैं "मंदिर की प्रबंध समिति के सामने यह विषय आया था, लिहाजा इस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. ड्रेस कोड का रंग अथवा डिजाइन का निर्धारण नहीं बल्कि सिर्फ पहनावा तय किया जाएगा कि पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए पहनावा क्या हो. जिससे कि गर्भगृह में प्रवेश की समुचित व्यवस्था बनाई जा सके."
मंदिर परिसर में भी होगा उपलब्ध
मुख्य पुजारी ने बताया "फिलहाल ड्रेस कोड का निर्धारण नहीं किया गया है, लेकिन मंदिर प्रशासन का कहना है कि पहनावा तय होने के बाद पुजारी के अलावा यजमान के लिए भी पहनावे की व्यवस्था मंदिर में की जा सकेगी. विशेष परिस्थितियों में श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने के अवसर पर मंदिर समिति के माध्यम से भी संबंधित ड्रेस प्राप्त कर सकेंगे. हालांकि ड्रेस कोड लागू तय होने के बाद ही ये सब स्पष्ट हो पाएगा."

