इस IAS के लोग दीवाने, पत्नी भी कलेक्टर, इन्हें कहते हैं बुजुर्गों और मजबूरों का मसीहा
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के फैन हो रहे इंदौरवासी, किसी भी समस्या का तुरंत कर देते हैं समाधान, मदद वाली कलेक्टरी चर्चा में. सिद्धार्थ माछीवाल की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 2:29 PM IST
|Updated : July 8, 2026 at 5:10 PM IST
इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों जनसुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिल रहा है, जहां कलेक्टर की मदद वाली अनोखी कलेक्टरी देखने मिल रही है. हम बात कर रहे हैं कलेक्टर शिवम वर्मा की. IAS शिवम वर्मा इन दिनों अपनी खास जनसुनवाई के लिए काफी लोकप्रिय हैं.किसी भी समस्या के समाधान के लिए अब इंदौर शहर के रहवासी सीधे कलेक्टर का रुख कर रहे हैं. क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि कोई अधिकारी या विभाग नहीं, सीधे कलेक्टर शिवम वर्मा के पास गए तो काम बन ही जाएगा.
हर मंगलवार कलेक्टर से मिलने उमड़ती है भीड़
हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली जन सुनवाई में कुछ ऐसा ही नजारा देखने मिलता है, जहां कलेक्टर से मिलने की आस में जमकर भीड़ लगती है.यहां लोग अपनी-अपनी परेशानियां लेकर पहुंचते हैं और बाकायदा इंदौर कलेक्टर उन्हें अपने पास बुलाकर समस्या का समाधान तत्काल कर देते हैं. एक ओर जहां सरकारी कार्यालयों में धक्के खाए और ऐढ़ी घिसाए बिना काम नहीं होता तो वहीं, इसके ठीक उलट इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने विभिन्न समस्याओं से जूझते बुजुर्गों और मजबूर लोगों की मदद तत्काल कर रहे हैं. यही वजह है कि पूरे जिले से लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर यहां जनसुनवाई में पहुंच रहे हैं.
अपने पास बिठाकर समस्या सुनते हैं कलेक्टर
कलेक्ट्रेट के मुख्य दरवाजे से लेकर जनसुनवाई के पंजीयन और लंबी लाइन की भारी मशक्कत और धक्का मुक्की के बाद जब लोग कलेक्ट्रेट में आईएएस शिवम वर्मा के कक्ष से लगे जनसुनवाई कक्ष में पहुंचते हैं तो वहां का नजारा राहत देने वाला होता है. कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर खुद आवेदक को अपने साइड में बिठाकर इत्मिनान से उसकी समस्या सुनते हैं. इसके बाद कलेक्ट्रेट संबंधित अधिकारी को तत्काल परेशानी हल करने के निर्देश देते हैं.
बुजुर्गों पर दिया जाता है सबसे ज्यादा ध्यान
सबसे खास बात यह है कि यहां बुजुर्गों को विशेष तरजीह दी जाती है. उन्हें सम्मान के साथ बिठाकर उनकी हर समस्या को गंभीरता से सुना जाता है. इस दौरान यहां कलेक्टर के निर्देश पर तमाम विभाग के आला अधिकारी बुजुर्गों की मदद के लिए तैनात नजर आते हैं. इतना ही नहीं, पिछली सुनवाई में आवेदकों के निराकरण की स्थिति के साथ भी अधिकारी तैयार रहते हैं.

हर वर्ग के लोग समस्याएं लेकर यहां पहुंचते हैं
यहां सुबह से ही भीड़ इतनी मचती है कि यहां तैनात कलेक्ट्रेट के सहायक स्टाफ के साथ सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग कम पड़ जाते हैं ऐसी स्थिति में यहां कई बार भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्वयंसेवकों अथवा स्काउट गाइड आदि की भी मदद लेनी पड़ रही है. इस जनसुनवाई में आने वाले हर व्यक्ति की कोशिश यही रहती है कि वह किसी और से नहीं बल्कि सिर्फ कलेक्टर शिवम वर्मा को मिलकर ही अपनी समस्याएं बताएंगे, मौके पर कई बुजुर्गों से जब अन्य अधिकारी उनकी समस्याएं जानना चाहते हैं तो वह कई बार समस्याएं तो बताते हैं लेकिन पूरी बात और कागज सिर्फ कलेक्टर को ही बताना चाहते हैं इस स्थिति में हर मंगलवार को सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर से शाम तक कलेक्टर शिवम वर्मा लोगों की भीड़ से घिरे रहते हैं.
काम नहीं करने वालों पर एक्शन लेते हैं कलेक्टर
जनसुनवाई में खुद कलेक्टर शिवम वर्मा जितनी समस्याओं को लेकर निराकरण के अलग-अलग निर्देश देते हैं उनकी मॉनिटरिंग पर उनकी नजर रहती है. लिहाजा टीएल बैठक और अन्य बैठकों में वह जनसुनवाई के प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हैं. कई बार जब लोगों की अथवा बुजुर्गों की समस्या का समाधान नहीं होता तो कलेक्टर संबंधित अफसर अथवा जिम्मेदार को दंडित करने से भी नहीं चूकते.

IAS शिवम वर्मा की पत्नी भी कलेक्टर
वर्तमान में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा 2013 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी हैं. शिवम वर्मा भोपाल के मैनिट से बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने IAS क्लियर किया. उनकी धर्मपत्नी जयती सिंह भी आईएएस ऑफिसर होकर बड़वानी कलेक्टर हैं. इंदौर कलेक्टर से पूर्व शिवम वर्मा नगर निगम इंदौर में कमिश्नर भी रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने जिला पंचायत ग्वालियर में बतौर सीईओ काम संभाला है.
यह भी पढ़ें-
- समोसा खाने थम जाते हैं महू में ट्रेन के पहिए, लोको पायलट स्टाफ पैक कराता है गरमा गरम नाश्ता
- इंदौर के खजराना में कागजों में संचालित 100 बेड का हॉस्पिटल, अभी भूमि हस्तांतरण ही नहीं
अपनी इस पहले पर क्या कहते हैं कलेक्टर?
अपनी इस मदद वाली कलेक्टरी पर आईएएस शिवम वर्मा कहते हैं, '' हमारा प्रयास रहता है कि माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नेतृत्व में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों को पहुंचाया जाए. हम यह भी प्रयास करते हैं कि कोई भी व्यक्ति या खासतौर पर बुजुर्ग किसी भी योजना से वंचित न रह जाए और उसकी समस्या का तत्काल समाधान हो. लोगों की समस्या का समाधान करके आत्म संतुष्टि मिलती है.''

