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इंदौर नगर निगम के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का टोटा, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने नगर निगम से पूछा, शिक्षा उपकर के रूप में कितना टैक्स वसूला ? क्या सभी स्कूलों में वॉशरूम, पीने का पानी व अन्य सुविधाएं हैं मौजूद?

HIGH COURT INDORE BENCH
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 4:07 PM IST

2 Min Read
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इंदौर: हाईकोर्ट ने इंदौर के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत को लेकर गठित कमेटी को मामले की रिपोर्ट जल्दी पेश करने को कहा है. याचिकाकर्ता ने इंदौर नगर निगम द्वारा लगाए गए शिक्षा उपकर लिये जाने को लेकर याचिका लगाई थी. मामले में जल्द ही सुनवाई होगी. कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष विजयवर्गीय ने उनकी तरफ से पैरवी की.

याचिकाकर्ता ने कहा, इंदौर नगर निगम के 184 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

अधिवक्ता मनीष विजयवर्गीय ने कहा, इंदौर नगर निगम के अधीन तकरीबन 184 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. इस पर कोर्ट ने नगर निगम से पूछा कि शिक्षा उपकर के रूप में कितना टैक्स वसूला है? क्या सभी स्कूलों में वॉशरूम, पीने का पानी व अन्य सुविधा मौजूद हैं? इस पर कोर्ट के समक्ष इंदौर नगर निगम ने तर्क दिए कि शिक्षा उपकर वसूला जा रहा है लेकिन इससे वसूली गई राशि का अन्य खर्चों में भी प्रयोग किया जाता है.

इस राशि को मात्र स्कूलों में ही खर्च किया जाए यह आवश्यक नहीं है. इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि हर साल इंदौर नगर निगम शिक्षा उपकर के रूप में 30 करोड़ रुपये ले रहा है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर तीन वकीलों की कमेटी गठित की गई है और कोर्ट की तरफ से कमेटी द्वारा 25 स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया था. लेकिन कमेटी द्वारा अभी तक महज 10 स्कूलों का निरीक्षण किया गया है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि हर साल शिक्षा उपकर के रूप में 30 करोड़ रुपये ले रहा इंदौर नगर निगम

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वह जल्द ही शेष 15 स्कूलों का निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखे. प्रशासनिक जज विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई.