फेलियर को बनाया हथियार, 12वीं फेल युवा कृष ने साइकिल पर खड़ा किया Fail कार्ट स्टार्टअप, हजारों में कमाई
12वीं फेल युवा ने लिखी सफलता की कहानी, साइकिल को ठेला बनाकर लगाया गजब जुगाड़, कपड़े बेचकर कर रोजाना हो रही अच्छी आमदनी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : May 7, 2026 at 2:07 PM IST
|Updated : May 7, 2026 at 4:14 PM IST
इंदौर: इन दिनों पढ़ाई-लिखाई करके सफल होने का सपना तो हर युवा का है. लेकिन जो पढ़ाई के अलावा हर काम में बार-बार फेल होते हैं वह सफलता के लिए अलग राह चुनते हैं. इंदौर में ऐसी ही कहानी है 18 साल के एक युवा की, जिन्होंने 12वीं फेल होने के बाद जो भी काम हाथ में लिया उसमें फेल हो गया. लिहाजा अपनी फेल इमेज को ही अपने छोटे से बिजनेस की शुरुआत कर ब्रांड इमेज बना लिया है.
12वीं फेल, बिजनेस भी लगातार फेल
इंदौर के एजुकेशनल सेक्टर में अपनी खास किस्म की गाड़ी पर टी शर्ट बेंचता यह युवक 12वीं फेल है. पढ़ाई में मन लगा और पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह उसे आगे पढ़ा लिखा कर कोई महंगी डिग्री दिलवा सकें. जिसके बाद कृष ने सोचा कि स्प्राउट का ठेला लगा लूं. उसने ठेला लगाया भी, लेकिन कुछ दिनों में वह धंधा भी फेल हो गया. इसके बाद पार्सल डिलीवरी का काम शुरू किया लेकिन तेज धूप सहन नहीं हुई तो उसने वह काम भी छोड़ दिया. हर धंधे में फेल होने के बाद कृष को आइडिया आया कि अब फेल को ही ब्रांड इमेज बनाया जाए.
साइकिल पर लगाई गजब जुगाड़
कृष ने एक स्टार्टअप शुरू करने की प्लानिंग की. उसने अपने पास मौजूद जमा पूंजी इकट्ठी करके अपने जैसे युवाओं को बेचने के लिए टी-शर्ट खरीदे. कृष ने एक पुरानी साइकिल खरीद कर उसे नए सिरे से तैयार किया, जिसका इंटीरियर भी कृष ने खुद किया. गाड़ी को नाम दिया 'फेल कार्ट'. उसके बाद सोशल मीडिया पर प्रचार के साथ कृष ने अपनी 12 फेल कार्ट पर टी शर्ट बेंचना शुरू कर दिया. उसे फेल कार्ट पर कपड़े बेचते हुए जिसने भी देखा हैरान रह गया.

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रोजाना 10 हजार की कमाई
इसके बाद कृष अपनी तरह हम उम्र लड़कों का उनका पसंदीदा पहनावा ऑफर करने लगा. उसकी दुकान और मेहनत देखकर कई युवा पहली नजर में ही टी-शर्ट पसंद कर लेते हैं. जिससे उसकी प्रतिदिन 7000 से लेकर ₹10000 तक की कमाई होने लगी है. उसका कहना है कि छोटे लेवल पर ही सही उसका काम अब चल निकला है.
कृष का कहना है कि, ''रोज शाम को वह उन इलाकों में अपनी कार्ट पर कपड़े बेचने निकलता है, जहां उसके जैसे युवा 12वीं में पास होकर कॉलेज में पहुंचे हैं. उसकी कोशिश है कि पढ़ाई में असफल लोग घबराएं नहीं बल्कि कोई छोड़ा बिजनेस शुरु कर सकते हैं.''

उसका कहना है कि, ''वह जल्द ही स्थाई रूप से दुकान डालकर काम शुरु करना चाहता है, जिससे कि जल्द से जल्द वह अपने काम में सफल हो सके. वह दिल्ली, अहमदाबाद और इंदौर से कपड़े खरीदता है फिर उन्हें अपने हिसाब से अपनी कीमतों पर बेचता है. लिहाजा प्रतिदिन उसकी अच्छी कमाई हो रही है. कृष का मानना है कि यदि उनकी फेल कार्ट ऐसे ही चलती रही तो 12वीं फेल कार्ट को कामयाब होते देर नहीं लगेगी.''

