इजराइल-ईरान युद्ध का इंपैक्ट : ड्राई फ्रूट बाजार में दनादन गिर रही बैलेस्टिक मिसाइल
इजराइल और ईरान के बीच जंग का असर ड्राई फ्रूट बाजार पर. रेट 20 फीसदी तक बढ़े. त्यौहारी सीजन के कारण और बढ़ेंगे दाम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 7:44 PM IST
रिपोर्ट : सिद्धार्थ माछीवाल
इंदौर : इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के साथ ही होली व रमजान के त्यौहारी सीजन में ड्राई फ्रूट के दामों में अचानक 20% की तेजी आ गई है. ईरान से हर साल भारत में अरबों रुपए का ड्राई फ्रूट इंपोर्ट किया जाता है, जिसमें खासतौर पर केसर, पिस्ता, मुनक्का, मामरा बादाम, अंजीर और खजूर प्रमुख हैं. इसके अलावा दुनिया का सबसे बेहतरीन केसर ईरान में पैदा होता है, जिसे भारत में बड़े पैमाने पर इंपोर्ट किया जाता है.
भारत के ड्राई फ्रूट बाजार में घबराहट
इस साल होली और रमजान के ठीक पहले मिडिल ईस्ट में भड़की जंग ने भारत के ड्राई फ्रूट बाजार में भी हलचल मचा दी है. भारत में पहले से ही ड्राई फ्रूट का जो स्टॉक मौजूद है, त्योहार पर उसके भाव में भी 10% से 20% तक की वृद्धि हो गई है. ईरान से आयात किए जाने वाले सूखे मेवे इंदौर में दुबई के रास्ते आते हैं, जो अफगानिस्तान से पहले ईरान भेजे जाते हैं, फिर दुबई के रास्ते भारतीय शहरों में भेजा जाता है.

केसर का स्वाद तो भूल ही जाइए
दिल्ली, मुंबई के अलावा इंदौर से दुबई की विमानन सेवाएं प्रभावित हैं. एयर कार्गो का भी यही हाल है. ईरान और अन्य देशों से जो माल एयर कार्गो और बंदरगाहों के जरिए पहुंचता था, उसके भी ईरान बॉर्डर और बंदरगाह पर अटकने की आशंका है. ऐसे में ड्राई फ्रूट के बड़े व्यापारी अब जल्द ही हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं. मध्य प्रदेश में ड्राई फ्रूट के सबसे बड़े इंदौर के मारोठिया बाजार में ईरान से आने वाली केसर अब तक ₹120 में एक ग्राम मिल रही थी, वह 190 से 200 रुपए की एक ग्राम हो चुकी है.
पिस्ता के भाव 400 रुपये प्रति किलो तक बढ़े
मारोठिया बाजार व्यापारी संघ के प्रतिनिधि मनोहर लाल सेठिया का कहना है "ईरान से आने वाले बादाम, पिस्ता, मुनक्का और हींग के भाव मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बनते ही तेज हो गए हैं. इन सभी ड्राई फ्रूट के प्रति किलो के भाव में करीब 300 से 400 रुपए तेजी देखी जा रही है. पिस्ता के भाव भी प्रति किलो ₹400 तक बढ़ गए हैं, जिसका असर रमजान के अलावा होली के त्योहार पर भी पड़ रहा है. अब तक रमजान के मौके पर जो ग्राहक ढाई सौ ग्राम ड्राई फ्रूट खरीदता था, उसे अब 100 ग्राम से ही काम चलाना पड़ रहा है."
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पुराना स्टॉक खत्म होते ही रेट और बढ़ेंगे
होली के त्योहार पर भी मिठाइयों में उपयोग किए जाने वाले ड्राई फ्रूट की बिक्री पिछले साल की तुलना में कम नजर आ रही है. व्यापारी बताते हैं कि भारत के ड्राई फ्रूट बाजार में अभी तो पुराना स्टॉक का माल चल रहा है लेकिन यदि मिडिल ईस्ट और इजराइल-ईरान में युद्ध के हालात लगातार ऐसे बने रहे तो युद्ध का सबसे ज्यादा असर ड्राई फ्रूट बाजार पर नजर आएगा.

