क्रिकेटर्स का जोश हाई, व्हीलचेयर पर बैठ चौके छक्के, मध्य प्रदेश की महिलाओं ने जीती सीरीज
इंदौर में दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन, मध्य प्रदेश की महिला टीम ने कर्नाटक को 2-1 से हराया, हरियाणा पुरुष टीम ने हासिल की जीत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 9, 2026 at 10:14 AM IST
|Updated : February 9, 2026 at 10:46 AM IST
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पहली बार व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया. जिसमें मध्य प्रदेश की वुमन और मेंस टीम के साथ ही देश के अलग-अलग राज्यों की टीमों ने भी हिस्सा लिया. जिसमें मुख्य रूप से हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक टीम शामिल हुई. पहली बार इस टूर्नामेंट में दो महिलाओं की टीम ने भी हिस्सा लिया. फाइनल में कर्नाटक की वुमन टीम ने 10 रनों से मध्य प्रदेश को हरा दिया. वहीं पुरुष टीम में हरियाणा की टीम ने मध्य प्रदेश की टीम को हरा कर टॉफी अपने नाम की है.
व्हीलचेयर पर बैठकर खेले खिलाड़ी
इंदौर में पहली बार दिव्यांगों क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया. इस टूर्नामेंट में व्हीलचेयर पर बैठकर खिलाड़ियों ने क्रिकेट के हुनर दिखाएं. इंदौर के होलकर स्टेडियम में व्हीलचेयर संगठन द्वारा व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. इसमें भाग लेने के लिए पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक की मेंस टीम के साथ ही दो वुमन टीम ने भी हिस्सा लिया. जिसमें मध्य प्रदेश और कर्नाटक की वुमन टीम शामिल थीं. 3 फरवरी से 8 फरवरी तक आयोजित हुए इस मैच में दिव्यांग खिलाड़ियों के द्वारा बखूबी रूप से क्रिकेट खेला गया.
63 रनों से जीती हरियाणा की टीम
फाइनल में मध्य प्रदेश मेंस की टीम हरियाणा की दिव्यांग क्रिकेट टीम से 63 रन से हार गई. जबकि 3 मैचों की सीरीज में कर्नाटक वुमन टीम को 2-1 से हराकर मध्य प्रदेश ने खिताब अपने नाम किया. पहले दो मैच मध्य प्रदेश की टीम ने जीते, जबकि तीसरे मैच में 10 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2020 में हुई थी. व्हीलचेयर डिसएबल स्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शहजाद अली ने बताया कि, ''पहली बार इस टूर्नामेंट में महिलाओं के लिए व्हीलचेयर क्रिकेट का आयोजन हुआ है. इस फॉर्मेट में खेलने के लिए कर्नाटक की वुमन टीम भी पहुंची.''
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खिलाड़ियों को मिले पुरुस्कार
जिला खेल अधिकारी रीना चौहान ने बताया कि, ''जब इस तरह के क्रिकेट की जानकारी हमें लगी तो हमने इंदौर कलेक्टर को पूरी बात बताई. उनके द्वारा दिव्यांग खिलाड़ियों की सुविधा और उनके रहने के लिए दो लाख रुपए रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा उपलब्ध करवाए गए. उसी के माध्यम से बाहर से आए हुए खिलाड़ियों के रहने और खाने की व्यवस्था की गई है. साथ ही कई स्पॉन्सरों ने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई भी की. उन्हें नगद पुरस्कार के साथ ही अलग-अलग तरह से जीतने पर पुरस्कृत भी किया.''
खिलाड़ियों का कहना है कि, हम भी पूरे तरीके से क्रिकेट के जो नियम रहते हैं उसी के मुताबिक क्रिकेट खेलते हैं. सरकार को हमें भी उसी तरह का दर्जा देना चाहिए. दिव्यांग खिलाड़ियों ने जिस तरह से इंदौर में क्रिकेट का प्रदर्शन किया गया उसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं.

