पुलिस जवानों की जांबाजी और कुर्बानी का नतीजा, 35 साल बाद मध्य प्रदेश नक्सल फ्री
डीजीपी कैलाश मकवाना बोले- मध्य प्रदेश से खत्म हुआ नक्सलवाद, सुरक्षा एजेंसियों को दिया जीत का श्रेय, सरेंडर करने वालों को मिलेंगी सरकारी सुविधाएं.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 5:13 PM IST
इंदौर: ''मध्य प्रदेश में नक्सलवाद का लगभग खात्मा हो गया है. इस दौरान कई जवानों ने अपनी जान गंवाई. लगातार अभियान, मजबूत खुफिया तंत्र और विभागों के बेहतर तालमेल से पुलिस लगातार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा.'' यह कहना है इंदौर दौरे पर आए डीजीपी कैलाश मकवाना का. डीजीपी 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूंटिंग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के आयोजन में भाग लेने पहुंचे थे. जहां उन्होंने नक्सलवाद पर बयान दिया.
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के निर्देश
डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के गृहमंत्री अमित शाह की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है.'' उन्होंने बताया कि, ''देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद लंबे समय से सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से इस मुद्दे पर मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति दिखाई गई. उसके बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने योजनाबंध तरीके से अभियान चलाया. लगातार ऑपरेशन, खुफिया तंत्र की मजबूती और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल के चलते प्रदेश में प्रभावी कार्रवाई की गई.''
डीजीपी कैलाश मकवाना ने यह भी कहा कि, ''सभी विभागों के अच्छे संबंधों का परिणाम है कि मध्य प्रदेश को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने में सफलता मिली है. सुरक्षा एजेंसियों का फोकस शांति और विकास को स्थाई बनाए रखने पर रहेगा.'' मोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश से नक्सली गतिविधियों को रोकने जांचने और बाकायदा ऑपरेशन के तहत स्टेट इन्वेस्टीगेशन एजेंसी गठित की थी. नक्सलवाद से निपटने के लिए मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिलों में विशेष सहायता दस्ते तैनात करने का फैसला लिया था.

कई जवान हुए शहीद, मार गिराए नक्सली
डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा, ''नक्सलवाद को खत्म करने के लिए हमने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई है. कई घटनाएं हुईं, हमारे मुखबिर और कई जवान शहीद हुए. हमने कई नक्सलियों को मार गिराया है. हम हर महीने मॉनिटरिंग मीटिंग करवाते थे. अच्छे प्रयायों का परिणाम है की दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश नक्सलमुक्त हो गया है.'' दावा है कि 1990 से 2025 तक इन 35 सालों में नक्सली घटनाओं में लगभग 38 पुलिस जवानों और 57 आम नागरिकों की जान गई है.
मार्च 2026 में देश से नक्सलवाद का सफाया
मध्य प्रदेश में बालाघाट, डिंडौरी और मंडला नक्सल प्रभावित इलाके हैं. बालाघाट को छोड़कर नक्सलवाद सभी जगह समाप्त हो गया था. बालाघाट में भी 90 के दशक से शुरू हुआ नक्सली कलंक अब खात्म हो गया है. केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2026 तय की गई, जिसके बाद से सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज हो गई है. नतीजा यह हुआ की धीरे-धीरे नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. दिसंबर 2025 में 2 करोड़ से ईनामी 10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के सामने सरेंडर किया था.

सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिलेंगी सुविधाएं
मुख्य धारा से जुड़ने वाले नक्सलियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सुविधाएं देने का ऐलान किया था. जो नक्सली सरेंडर करेंगे, उन्हें घर बनाने और बसने के लिए राशि दी जाएगी. उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने में सरकार मदद करेगी. सरेंडर करने वाले नक्सलियों को नौकरी और ट्रेनिंग की सुविधा भी दी जाएगी. इसके अलावा सरेंडर करने वाला कोई नक्सली अन्य नक्सलियों की जानकारी देगा तो उसे जमीन भी मुहैया कराई जाएगी.
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पुलिस शूंटिंग चैंपियनशिप में शामिल हुए डीजीपी
इंदौर में सेंट्रल स्कूल ऑफ वेपंस एंड टेक्नोलॉजी बीएसएफ इंदौर द्वारा 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूंटिंग स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें भाग लेने के लिए मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे. यह शूटिंग कंपटीशन 6 दिवसीय है. जिसमें सीआरपीएफ, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल के 600 से अधिक निशानेबाज शामिल हुए हैं. जिसमें महिला निशानेबाज भी शामिल हैं. अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण और राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों की देखरेख में कुल 17 खेल हथियार स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा.

इंदौर में सप्राइज मॉक ड्रिल का अभ्यास
मार्च महीने में रमजान के साथ होली का त्योहार भी आ रहा है. जिसके चलते पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक सप्राइज मॉक ड्रिल का अभ्यास इंदौर के डीआरपी लाइन में किया. इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने पुलिसकर्मियों के फिटनेस की परीक्षा रस्सी खिंचवा कर ली. पुलिस कमिश्नर ने फिट पुलिस कर्मियों की जमकर तारीफ की और उनको पुरुस्कार भी दिया. दंगे के दौरान भगदड़ मचने पर किस तरह से पुलिसकर्मियों को कार्रवाई करना है, उसको लेकर भी पुलिस कमिश्नर ने पुलिस कर्मियों को टिप्स दिए.

