एक जुगाड़ और हो गया इंदौर-दाहोद रेल लाइन का काम, करिए गुजरात और दक्षिण भारत की सैर
इंदौर से गुजरात और दक्षिण भारत पहुंचना होगा आसान, रेल परियोजना में आने वाली मुश्किले हुईं दूर, जल्द होगा पूरा निर्माण.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 1:31 PM IST
|Updated : February 25, 2026 at 1:58 PM IST
इंदौर: पहाड़ी इलाकों में रेल लाइन बिछाने का काम जितना चुनौतीपूर्ण है, उतना ही परेशानी भरा काम पटरियों तक रेलवे की भारी भरकम मशीनों को पहुंचाना है. अब रेलवे भी अपने तमाम संसाधनों को सड़क मार्ग से रेलवे ट्रैक तक पहुंचा रहा है. जिससे दुर्गम इलाकों में पटरी बिछाने का काम तेज किया जा सके. ऐसे में देश के हर कोने से कनेक्टिविटी बढ़ेगी. जिससे व्यापार और विकास की गति तेज होगी.
इंदौर-दाहोद रेल परियोजना
दरअसल, इंदौर से धार दाहोद होते हुए गुजरात को जोड़ने वाली इंदौर दाहोद रेल परियोजना एक ऐसी परियोजना है, जिसके बड़े हिस्से में पहाड़ी दुर्गम मील है. यहां आजादी के बाद से ही रेलवे ट्रैक नहीं होने के कारण रेलवे संसाधनों के जरिए यहां पटरी बिछाना चुनौतीपूर्ण है. यही वजह है कि इंदौर और रेलवे रतलाम मंडल ने अब पटरी बिछाने के लिए जो मशीनरी और सामग्री रेल लाइनों से जाती थी, उसे भी अब इस परियोजना में सड़क मार्ग से मौके पर पहुंचाना पड़ रहा है. हाल ही में इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में ऐसी ही स्थिति बनी.
दाहोद-कट्टीवाड़ा, इंदौर-टीही रेल लाइन काम पूरा
पटरी बिछाने के लिए उपयोग होने वाली टीटीएम मशीन को लेकर जैसे रेल मार्ग नहीं होने के कारण पहली बार सड़क मार्ग से ट्रैक पर उतारा गया, जिसके जरिए अब इस महत्वपूर्ण रेल लाइन का काम तेजी से हो सकेगा. बताते चलें कि 204 किलोमीटर इस परियोजना में दाहोद से कट्टीवाड़ा व इंदौर से टीही तक रेल लाइन निर्माणकार्य पूरा हो चुका है. इसके अलावा पीथमपुर के पास लगभग 3 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य किया जा रहा है.

TTM को सड़क मार्ग से लाया गया पीथमपुर-धार खंड
जिसमें फिनिशिंग, ट्रैक बिछाने व अन्य तकनीकी कार्य शामिल हैं, लेकिन यहां दूसरी तरफ कोई रेलवे लाइन नहीं होने के कारण ट्रैक टेंपिंग मशीन लाने का कोई साधन नहीं था. ऐसी स्थिति में यहां पहली बार टीटीएम (ट्रैक टेंपिंग मशीन) को सड़क मार्ग से पीथमपुर-धार खंड में लाया गया. जिसे रेलवे ट्रैक पर उतारा गया. जिसके फलस्वरुप अब नई डाली गई रेल लाइन पर पैकिंग कार्य और पीथमपुर-धार खंड पर ट्रैक को मजबूत करने का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है.

टीटीएम मशीन द्वारा ट्रैक की पैकिंग से पटरियों की समतलता, स्थिरता एवं सुरक्षा सुनिश्चित होती है. जिसके अंतर्गत टीही-धार एवं कट्टीवाड़ा-झाबुआ खंडों में ट्रैक लिंकिंग, स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म निर्माण व सिग्नलिंग कार्य में भी तेजी लाई जा सकेगी.
- अब भारतीय मुद्रा पर वंदे भारत ट्रेन, भारत सरकार ने जारी किया 100 रुपये का रंगीन सिक्का
- नई रेल लाइन चमकाएगी मध्य प्रदेश की किस्मत, अश्विनी वैष्णव लाए जबलपुर गोंदिया कायापलट प्लान
इसलिए महत्वपूर्ण है यह रेल परियोजना
इंदौर दाहोद नई रेल परियोजना मध्य प्रदेश के धार जिले को झाबुआ होते हुए गुजरात से जोड़ेगी. जहां अब तक रेलवे लाइन नहीं थी. इस क्षेत्र के गुजरात से जोड़ने से दोनों ही राज्यों के बीच व्यापार और आर्थिक विकास की गति तेज होगी. इसके अलावा इंदौर से मुंबई और दक्षिण भारत की दिशा में एक नया और छोटा रेल मार्ग उपलब्ध हो सकेगा. जिससे यात्रियों को माल परिवहन में भी कम समय लगेगा.

