दूषित पानी पीने से बीमार लोगों से मिलने पहुंचे मोहन यादव, ढाई हजार लोगों में संक्रमण की पुष्टि
इंदौर दूषित पानी को लेकर 40 हजार लोगों की स्कैनिंग की गई, जिसमें ढाई हजार लोगों में संक्रमण की हुई पुष्टी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 31, 2025 at 11:08 PM IST
|Updated : December 31, 2025 at 11:14 PM IST
इंदौर: दूषित पानी के कारण 8 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के बीमार होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर पहुंचकर अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा, "दूषित पानी से ढाई हजार से ज्यादा मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि लोगों को संक्रमण से बचने के लिए 40000 से ज्यादा लोगों की स्कैनिंग की गई है. अब स्थिति नियंत्रण में है."
सीएम ने घटना पर जताई चिंता
इंदौर के दूषित पानी से लोगों के बीमार होने और मौत होने की स्थिति के चलते मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचे. जहां उन्होंने अस्पतालों में भर्ती मरीजों से उनके हाल जाने. इस दौरान मुख्यमंत्री ने भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई पानी जनित बीमारी की घटना को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "पानी में गड़बड़ी के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अब तक 40 हजार से अधिक लोगों की स्कैनिंग कराई है, जिसमें ढाई हजार से ज्यादा मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है."
अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती
मुख्यमंत्री ने बताया कि "पूरे मामले की निगरानी और जांच के लिए एसीएस संजय दुबे को मौके पर ही तैनात किया गया है. वे वहीं बैठकर पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. कुछ अधिकारियों की कमी के चलते अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी और नगर निगम को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके."

व्यवस्था दुरुस्त करने उठाए गए कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि "जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तुरंत कदम उठाए गए हैं. कल से नियमित जल सप्लाई बहाल की जाएगी. यदि कहीं भी पानी की पाइपलाइन में लीकेज पाया जाता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा. साथ ही जो भी तकनीकी या प्रशासनिक खामियां सामने आएंगी, उन्हें दूर कर भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा."
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन
मोहन यादव ने आगे कहा कि "समय पर इलाज मिलने के कारण कई मरीजों की हालत में सुधार हुआ है और उन्हें राहत मिली है. पीने के पानी के कारण उल्टी-दस्त की स्थिति बनना बेहद कष्टदायक है और यह प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है." मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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सीएम ने केवल 4 ही मौत का किया जिक्र
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दूषित पानी से केवल 4 लोगों की मौत बताते हुए कहा, "प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सीवरेज लाइन डालने के दौरान यह स्थिति बनी. अब तक इस घटना में 4 लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार के लिए एक भी मौत अत्यंत पीड़ादायक है और यह घटना बेहद दुखद है. सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाएंगे.

