इंदौर में पानी से 8 या 18 मौतें? मोहन यादव बोले हम आंकड़ों में नहीं पड़ते, मुआवजा फार्म्यूला तय
भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जीरामजी योजना और इंदौर दूषित पानी से मौतों पर दिया जवाब. सीएम ने कहा कि आंकड़े 8 हों या 18, हर मौत कष्टदायक.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 7:07 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 11:21 AM IST
भोपाल: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मृतकों के आंकड़ों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवाब दिया है. उन्होने साफ किया कि पानी से मौत की जो संख्या है वह अभी फाइनल नहीं है. इसी के चलते भ्रम जैसी स्थिति है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर और नगर निगम में जो मृतक का रजिस्ट्रेशन होता है उनकी संख्या को मद्देनजर रखते हुए फाइनल आंकड़ा तय होगा.
क्या होगा इंदौर पानी से मौत मामले में मुआवजे का फार्म्यूला
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को दी जाने वाली मुआवजा राशि को लेकर कई बातें साफ की. उन्होने कहा " पोस्टमॉर्मटम रिपोर्ट जैसे जैसे आएगी उसी के आधार पर राहत राशि परिजनों को दी जाएगी." मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव कहते हैं, "मैं बड़ी विनम्रता के साथ ये कहता हूं कि हमारे लिए तो एक भी व्यक्ति की जान जाना भी अत्यंत कष्टकारी है." सीएम ने बीजेपी मुख्यालय में हुई पत्रकार वार्ता में ये बात कही.
इंदौर मामले में मृतकों की संख्या फाइनल नहीं: सीएम
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का आंकड़ा 18 पहुंचने की बात कही जा रही है. हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से पेश किए गए मृतकों के आंकड़े से जुड़े सवाल को लेकर स्पष्ट किया, "हम आंकड़े नहीं देख रहे हैं. हमारे लिए तो एक व्यक्ति की मृत्यु भी अत्यंत पीड़ादायक है." सीएम ने कहा कि "सभी मृतकों के परिजनों को राहत राशि दी जाएगी. नगर निगम में जो मृत्यु का रजिस्ट्रेशन होता है, उस आधार पर भी राहत राशि दी जाएगी." यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जीरामजी योजना पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही.
जीरामजी में अब 125 दिन काम की गारंटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जीरामजी योजना को लेकर कहा, "इस योजना में जहां पहले 100 दिन का काम मिलता था, अब 125 दिन का काम मिलेगा." उन्होंने बताया कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके लिए निश्चित बजट का प्रावधान किया है. राज्य सरकार जल्द ही इस योजना को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगी. केन्द्र सरकार की ओर से हालांकि 6 महीने का समय दिया गया है. कहा ये गया है कि 6 माह के भीतर इस योजना को अधिसूचित किया जाए." सीएम ने योजना के संबंध में बताया कि "इसमें 60 फीसदी राशि केन्द्र और 40 फीसदी राशि राज्य सरकार के जिम्मे होगी."

- इंदौर में वाटर ऑडिट करने निकले उमंग सिंघार, दावा-हर जगह भागीरथपुरा जैसा जहर
- इंदौर में दूषित पानी से मौतों की सॉलिड वजह अब आई सामने, सरकार ने किया कन्फर्म
'जरूरत के मुताबिक मिलेगा काम'
पत्रकार वार्ता में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर हाथ को 125 दिन का काम मिले. इस आधार पर जो ये योजना बनाई है, वह क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है." उन्होंने कहा, "योजना इस ढंग से बनाई गई है कि गांव देहात के इलाकों में जिस समय बुआई का समय हो कटाई का समय हो उस समय खेतों में उन्हें काम मिल सके और बाकी समय जो मजदूरी का काम है. वो भी मिलता रहे."

