कैलाश विजयवर्गीय को युवा कांग्रेस ने पानी में डुबोया! भोपाल से लेकर इंदौर तक पानी की आंच
इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतों पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन,निगम कार्यालय का घेराव, कैलाश विजयवर्गीय के पुतले को गंदे पानी में डुबोया.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 6:40 PM IST
|Updated : January 2, 2026 at 8:59 PM IST
इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर पूरे प्रदेश के लोगों में आक्रोश है. इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उमा भारती ने मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला है. शुक्रवार को युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं ने इंदौर नगर निगम के खिलाफ लामबंद हुए है. कार्यकर्ताओं ने शहर में घंटे घड़ियाल बजाकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने निगम मुख्यालय में घुसने का प्रयास किया. प्रदर्शन कर रहे करीब आधा दर्जन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
दूषित पानी से मौतों पर कांग्रेस का प्रदर्शन
प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस का कहना था कि "यह कोई हादसा नहीं, बल्कि भाजपा के कुशासन, संवेदनहीन प्रशासन और बेलगाम भ्रष्टाचार का खूनी नतीजा है." साथ ही उन्होंने इस जनसंहार के लिए जिम्मेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की हैं. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए निगम प्रशासन और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
यूथ कांग्रेस ने विजयवर्गीय के पुतले को गंदे पानी में डुबोया
वहीं भोपाल में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया. यूथ कांग्रेस ने छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव में बैठकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले को डुबाया. भोपाल युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया गया. वहीं कांग्रेस नेता विवेक तंखा ने ट्वीट कर लिखा "यह कौन से विकसित भारत की बात हो रही है.
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 14 मौतें और 1400+ लोग बीमार... ये कोई हादसा नहीं, ये भाजपा सरकार की लगातार अनदेखी का नतीजा है!
— Indian Youth Congress (@IYC) January 2, 2026
भोपाल युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया गया! छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव… pic.twitter.com/IRjJUisK83
एमपी इंदौर में लगभग 15 गरीबों की मौत प्रदूषित पानी से हुई. 100 से अधिक अस्पताल में हैं. इंदौर में चूहों के कतरने से बच्चों की जान गई. जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई. कोई जवाबदेही नहीं, शर्म भी खत्म हो गई !! एमपी की हालत चिंताजनक."
यह कौन सा विकसित भारत की बात हो रही हैं। एमपी इंदौर में लगभग १५ ग़रीबो की मौत प्रदूषित पानी से हुई , १०० से अधिक अस्पताल में है। इंदौर में चूहो के कतरने से बच्चो की जान गई। ज़हरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई। कोई जवाब देही नहीं। शर्म भी ख़त्म हो गई !! एमपी की हालत चिंताजनक। pic.twitter.com/UESIFIEjKo
— Vivek Tankha (@VTankha) January 2, 2026
सड़क से सदन तक उठाएंगे मामला
इंदौर मामले को लेकर युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष अमित पटेल का कहना है, "विकास के झूठे नारे लगाकर सत्ता पर काबिज होने बीजेपी नेता अपनी तिजोरियां भरने के लिए आम पब्लिक को गटर का मैल मिला दूषित पानी पिलाकर मौत के मुंह में धकेल रहे है. यह लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान से खिलवाड़ है. जब तक मृतकों के परिजनों को न्याय नहीं मिलता हम और हमारी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करती रहेगी. इस कृत्य के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए."
कांग्रेसियों को पुलिस में हुई बहस
प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने नगर निगम कार्यालय के बाहर बैरिकेट्स लगाकर बाहर ही रोक दिया है, जिससे कांग्रेसी भड़क गए. इस दौरान कांग्रेसियों ने बैरिकेट्स पर चढ़कर अंदर घुसने का प्रयास किया. इस बीच पुलिस और कार्यकर्ताओं में झूमाझटकी भी हुई. युवा कांग्रेस अध्यक्ष रफीक खान की पुलिस से जमकर बहस भी हुई. कांग्रेसियों ने घंटी बजाकर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया और दूषित पानी से जुड़े मुद्दे में निष्पक्ष जांच की मांग की.
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'मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मांगा इस्तीफा'
बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्त्ताएं भी मौजूद थीं. उन्होंने नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की. हालांकि बाद में पुलिस ने करीब 6 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर औपचारिक गिरफ्तारी के लिए जिला जेल भेज दिया है. इधर कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही अगर इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भूख हड़ताल और प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. इस दौरान कांग्रेस जनों ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग भी की.

