नेपाल चुनाव से पहले 72 घंटे के लिए बॉर्डर सील, बिहार सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा सील कर दी गई है. 5 मार्च तक कड़ी चौकसी बरती जाएगी. पढ़ें खबर


Published : March 3, 2026 at 1:21 PM IST
सुपौल : पड़ोसी देश नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. चुनाव के मद्देनजर 2 मार्च की आधी रात से 5 मार्च की आधी रात तक दोनों देशों की सीमा पूरी तरह सील कर दी गयी है. इस दौरान ऐसी सख्त व्यवस्था की गई है कि परिंदा भी पर न मार सके.
5 मार्च तक सीमा सील : प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 मार्च को नेपाल में प्रतिनिधि सभा का चुनाव होना है. उसी दिन मतगणना भी की जाएगी. चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेंगी. भारतीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल की तैनाती रहेगी. जबकि नेपाल की ओर से सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी एपीएफ संभालेगी.
बैठक के दौरान हुआ था फैसला : चुनाव को लेकर भारत-नेपाल समन्वय बैठक पहले ही नेपाल के मोरंग जिले में आयोजित की जा चुकी है. बैठक में भारत की ओर से सीमावर्ती जिलों किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधुबनी के पदाधिकारियों ने भाग लिया था. बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सीमा से सटे सभी मुख्य मार्गों, चेक पोस्टों और संवेदनशील इलाकों पर एसएसबी एवं स्थानीय पुलिस की सघन तैनाती की जाएगी.
'कड़ी चौकसी की गई है' : इस संबंध में 45वीं वाहिनी, एसएसबी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर पूर्व में व्यापक स्तर पर बैठक की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि वाहिनी के अंतर्गत आने वाले सभी 18 बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) पूरी तरह अलर्ट पर रहेंगे. मुख्य आवाजाही वाले स्थलों पर चौकसी कड़ी कर दी गई है.
''नेपाल भारत का मित्र राष्ट्र है. दोनों देशों के बीच आपसी समन्वय बेहतर है. मंगलवार की आधी रात के बाद भारत-नेपाल की संयुक्त पेट्रोलिंग भी की जाएगी. जब भारत में चुनाव हुए थे. तब नेपाल की ओर से भी पूरा सहयोग मिला था. उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है.''- गौरव सिंह, एसएसबी कमांडेंट, 45वीं वाहिनी
चुनाव संपन्न होते ही स्थिति सामान्य होगी : गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से लगाम लगाई जाएगी. अत्यंत आवश्यक और आपातकालीन परिस्थितियों में सीमित स्तर पर मानवीय आधार पर विचार किया जा सकता है. चुनाव संपन्न होने और मतगणना पूरी होने के बाद 5 मार्च की आधी रात के बाद सीमा को पूरी तरह खोल दिया जाएगा.
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