नेशनल वॉलीबॉल टूर्नामेंट से चुने जाएंगे इंडियन टीम के खिलाड़ी; पूर्व कप्तान बोले- PM मोदी ने INDIA के खेलों को बढ़ाया
सिलेक्टेड टीम के मेंबर और इंडियन वॉलीबॉल टीम के पूर्व कप्तान गुरिंदर सिंह ने दी जानकारी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 10:58 PM IST
वाराणसी : प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र में नेशनल वॉलीबॉल टूर्नामेंट में 58 अलग-अलग स्टेट की टीमें हिस्सा ले रही हैं. इसमें 30 पुरुष और 28 महिलाओं की टीम शामिल है. टूर्नामेंट में एशियाई गेम्स के लिए इंडियन वालीबॉल टीम के खिलाड़ियों का चयन होगा. इसके लिए अब वॉलीबॉल सिलेक्टर्स की टीम भी वाराणसी पहुंच चुकी है.
इस सिलेक्टेड टीम के मेंबर और इंडियन वॉलीबॉल टीम के पूर्व कप्तान गुरिंदर सिंह बनारस पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए इंटरनेशनल लेवल पर इंडियन वालीबॉल टीम की तैयारी और नई टीम को तैयार करने के लिए इस टूर्नामेंट को बेहद महत्वपूर्ण बताया.
गुरविंदर सिंह इंटरनेशनल वॉलीबॉल प्लेयर रहे हैं और पंजाब में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीन एशियाई गेम में हिस्सा ले चुके हैं और वह गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं. वह वॉलीबॉल चयन समिति में भी हैं. उन्होंने बताया कि वॉलीबॉल में नियम बदल गए हैं. अब रेफरी और वॉलीबॉल के बीच में जो रोटेशन था, उसमें बदलाव हो गया है. उन्होंने बताया कि हम इंडिया टीम के लिए प्लेयर्स का कैंप के लिए सलेक्शन करने आए हैं, जो प्लेयर यहां अच्छा प्रदर्शन करेंगे उनको हम इंडिया टीम के कैंप के लिए सिलेक्ट करेंगे और आने वाले एशियाई गेम्स के लिए यह कैंप काम करेगा और इसी में से खिलाड़ी इंडियन टीम के लिए चुने जाएंगे.
उन्होंने बताया कि हम खिलाड़ी की फिजिकल फिटनेस और उनके गेम के एक्शन के साथ उनके पूरे ओवरऑल परफॉर्मेंस पर काम करते हुए उसकी निगरानी कर रहें हैं और उसके बाद ही उन्हें सिलेक्ट करेंगे. उन्होंने कहा कि इस वक्त दक्षिण भारत के खिलाड़ी वॉलीबॉल में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. बनारस में इतना बड़ा प्रोग्राम होना निश्चित तौर पर बहुत बड़ा मैसेज जाएगा. इस तरह के आयोजन नॉर्थ में होते रहेंगे तो आने वाले वक्त में बहुत बड़े बदलाव और नए खिलाड़ी नॉर्थ से भी निकलेंगे.
गुरविंदर सिंह ने बताया कि जिस हिसाब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों के प्रति अपना काम किया है, उसकी वजह से खेल बहुत ऊपर आए हैं. अब ओलंपिक में कॉमनवेल्थ में बहुत अच्छे मेडल आ रहे हैं. इससे पता चल रहा है कि प्रधानमंत्री के प्रयासों का असर अब खेलों में दिखाई दे रहा है. उन्होंने कि मेरा मानना है कि इस तरह के प्रयास बहुत सार्थक होंगे. वाराणसी में जिस तरह का यह आयोजन हुआ है, वैसे ही अगर नॉर्थ के और भी शहरों में ऐसे इंटरनेशनल और नेशनल टूर्नामेंट होंगे तो ओलंपिक में हम मजबूत होंगे और वॉलीबॉल बहुत ऊपर जाएगा.
उन्होंने कहा कि यूरोप में वॉलीबॉल और फुटबॉल ज्यादा खेला जाता है. उस पर बहुत बढ़ावा दिया जाता है और वॉलीबॉल और फुटबॉल ही है जो 218 देश खेलते हैं, इसलिए हम भी यही मानते हैं कि इंडिया में भी इसे बहुत मजबूत होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 2036 हम टारगेट लेकर चल रहे हैं इंडिया में ओलंपिक का, हमें इसलिए इंडियन वॉलीबॉल टीम को बाहर ज्यादा से ज्यादा भेजना होगा. जितना ज्यादा से ज्यादा हम यूरोप में और बाहर के देशों में जाकर खेलेंगे और हमें स्पॉन्सरशिप मिलेगी, उससे ही खेल आगे बढ़ेगा.
उन्होंने कहा कि हम यहां से 72 खिलाड़ी इंडिया टीम के लिए सिलेक्ट करेंगे. जिसमें 36 मेंस के लिए और 36 वूमेन के लिए होंगे. उसके बाद हम कैंप लगाएंगे और फिर कैंप से इंडिया टीम के लिए खिलाड़ियों का सिलेक्शन करेंगे. कैंप के जरिए सेलेक्ट होकर चुने गए खिलाड़ी ही एशियन गेम्स में इंडियन वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे.

