सर्दी में कैसे रखें दिल का ध्यान? इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की एडवाइजरी जारी, बुजुर्गों से खास अपील
IMA Health Advisory: सर्दी में हृदय रोगों से बचाव के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एडवाइजरी जारी की है.

Published : January 10, 2026 at 5:09 PM IST
भिवानी: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सर्दियों को लेकर एडवाइजरी जारी की है. इस साल विश्व हृदय दिवस की थीम धड़कन रखी गई है. इस पर जोर देते हुए डॉक्टरों ने लोगों से जीवनशैली में बदलाव लाने की अपील की है.
दिल के मरीजों के लिए हेल्थ एडवाइजरी: आईएमए हरियाणा के सदस्य डॉक्टर करन पूनिया ने बताया कि "ठंड के मौसम में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है. इसके अतिरिक्त सर्दियों में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कमजोर दिल वाले मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है."
सर्दियों से बचने का उपाय: डॉक्टर करन पूनिया ने लोगों को सुझाव देते हुए कहा "ज्यादा ठंड और कोहरे में सुबह में जल्दी सैर पर जाने से बचें. धूप निकल आए या तापमान थोड़ा बढ़ जाए, तभी बाहर निकलें. शरीर को गर्म रखने के लिए एक मोटे कपड़े की जगह कई पतली परत वाले कपड़े पहनें, इससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकलती. सर्दियों में तले-भुने और अधिक नमक वाले भोजन से बचें, संतुलित आहार लें, जिसमें साबुत अनाज, फल और हरी सब्जियां शामिल हों."
जानलेवा है शराब का सेवन: डॉक्टर करन पूनिया ने कहा कि "अक्सर लोग ठंड से बचने के लिए शराब का सहारा लेते हैं, लेकिन ये रक्तचाप बढ़ाकर दिल के दौरे का खतरा पैदा करती है. उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीज नियमित रूप से अपनी जांच कराते रहें और दवाओं में कोई लापरवाही ना बरतें."
जीवनशैली में सुधार जरूरी: डॉक्टर ने कहा कि "विश्व हृदय दिवस की थीम धड़कन हमें याद दिलाती है कि हृदय स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जागरूकता और सक्रिय देखभाल अनिवार्य है. हृदय रोग से होने वाली 17.9 मिलियन वार्षिक मौतों में से अधिकांश को केवल जीवनशैली में सुधार और समय पर पहचान के जरिए रोका जा सकता है. हमें चेतावनी के संकेतों जैसे सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ और अत्यधिक पसीने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए."
इन लक्षणों को ना करें नजरअंदाज: डॉक्टर करण पुनिया ने कहा कि "यदि किसी व्यक्ति को सीने में भारीपन या तीव्र दर्द, सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई, हृदय गति का अचानक बहुत तेज या अनियमित होना, अचानक चक्कर आना या बेहोशी छाना आदि लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए. रोकथाम ही उपचार से बेहतर है. रोजाना कम से कम 30 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि और तनाव मुक्त जीवन हृदय को लंबी उम्र प्रदान कर सकता है."

