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अटल टनल में भारतीय सेना का कमाल, 10 जवानों ने दो बाइक पर बनाया ये रिकॉर्ड, रचा इतिहास

अटल टनल में किया गया यह विश्व रिकॉर्ड प्रयास केवल मोटरसाइकिल स्टंट नहीं, बल्कि भारतीय सेना की साहसिक सोच और टीमवर्क का प्रतीक है.

ARMY WORLD RECORD AT ATAL TUNNEL
अटल टनल में भारतीय सेना का कमाल (PIB)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 2, 2026 at 9:21 PM IST

4 Min Read
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कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध अटल टनल एक बार फिर ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाह बनी है. भारतीय सेना के कोर ऑफ सिग्नल्स की डेयर डेविल्स टीम ने यहां ऐसा साहसिक प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी को रोमांचित कर दिया. 'व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति' मोटरसाइकिल अभियान के तहत टीम ने दुनिया की सबसे लंबी 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित राजमार्ग सुरंग अटल टनल में नया विश्व रिकॉर्ड प्रयास किया. इस उपलब्धि को कारगिल विजय दिवस को समर्पित किया गया है और इसे भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और टीमवर्क का शानदार उदाहरण माना जा रहा है.

दो मोटरसाइकिलों पर सवार 10 राइडर्स ने रचा इतिहास

30 जून को मनाली के पलचान पहुंची 'व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति' टीम ने 1 जुलाई को अपने अभियान के सबसे महत्वपूर्ण चरण को अंजाम दिया. डेयर डेविल्स टीम के 10 राइडर्स केवल दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 9.8 किलोमीटर लंबी अटल टनल को महज 9 मिनट 47.97 सेकंड में पार करने में सफल रहे. समुद्र तल से 10,075 फीट की ऊंचाई पर किया गया यह प्रदर्शन बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है. इस दौरान टीम ने शानदार संतुलन, तालमेल, धैर्य और उच्च स्तर के प्रशिक्षण का परिचय दिया.

ARMY WORLD RECORD AT ATAL TUNNEL
दो मोटरसाइकिलों पर सवार 10 राइडर्स ने रचा इतिहास (PIB)

कारगिल विजय दिवस को समर्पित विशेष अभियान

भारतीय सेना ने इस विश्व रिकॉर्ड प्रयास को कारगिल विजय दिवस के सम्मान में आयोजित किया. यह कोर ऑफ सिग्नल्स डेयर डेविल्स की ओर से प्रस्तावित कई विश्व रिकॉर्ड प्रयासों की श्रृंखला का पहला चरण है. इस उपलब्धि के लिए टीम ने कई महीनों तक कठिन प्रशिक्षण लिया और तकनीकी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया। सेना का कहना है कि यह अभियान केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना को भी प्रदर्शित करता है.

सुरक्षा मानकों का पूरी तरह रखा गया ध्यान

विश्व रिकॉर्ड प्रयास के दौरान सभी सुरक्षा नियमों और परिचालन प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया. कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्थानीय प्रशासन, हिमाचल प्रदेश पुलिस, सीमा सड़क संगठन (BRO) और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाया गया. पूरी प्रक्रिया के दौरान डेयर डेविल्स टीम, आयोजन से जुड़े अधिकारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई. इस आयोजन ने भारतीय सेना की पेशेवर कार्यशैली और अनुशासन की एक बार फिर मिसाल पेश की.

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सेना ने कारगिल विजय दिवस को समर्पित किया विशेष अभियान (PIB)

सिग्नल ऑफिसर-इन-चीफ एवं कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल विवेक डोगरा (सेना मेडल) ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन मनाली, हिमाचल प्रदेश पुलिस, महानिदेशक सीमा सड़क संगठन (DGBR), प्रोजेक्ट योजक, प्रोजेक्ट दीपक और 38 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (38 BRTF) का विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों के उत्कृष्ट समन्वय से यह विश्व रिकॉर्ड प्रयास सफल हो सका.

युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए कर रहा प्रेरित अभियान

भारतीय सेना के अनुसार 'व्हील्स ऑफ वैलर : संचार शक्ति' अभियान का उद्देश्य केवल विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं है. यह अभियान देशभर में युवाओं, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के बीच राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी पहुंचा रहा है. युद्ध स्मारकों, सैन्य प्रतिष्ठानों, संचार केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से यह अभियान सेना की गौरवशाली विरासत को लोगों तक पहुंचा रहा है और युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित कर रहा है.

सेना के साहस और टीमवर्क का प्रतीक बनी उपलब्धि

अटल टनल में किया गया यह विश्व रिकॉर्ड प्रयास केवल मोटरसाइकिल स्टंट नहीं, बल्कि भारतीय सेना की साहसिक सोच, अनुशासन, नवाचार और उत्कृष्ट टीमवर्क का प्रतीक है. इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय सेना कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी असंभव लगने वाले लक्ष्य हासिल करने का दम रखती है. कोर ऑफ सिग्नल्स का आदर्श वाक्य "Swift, Secure and Connected" इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ पूरी तरह साकार होता नजर आया.

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