जैसलमेर में वायु शक्ति का महापरीक्षण, अंतिम रिहर्सल में दिखी मारक क्षमता
एयर-टू-ग्राउंड स्ट्राइक, लेजर-गाइडेड बम सिमुलेशन, रॉकेट फायरिंग और सटीक लक्ष्य भेदन जैसी रणनीतिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया.

Published : February 24, 2026 at 9:55 AM IST
|Updated : February 24, 2026 at 5:33 PM IST
जैसलमेर : राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में मंगलवार को भारतीय वायु सेना के सबसे बड़े एयर पावर प्रदर्शन मेगा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' की अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई. यह अभ्यास 27 फरवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम से पहले निर्णायक तैयारी माना जा रहा है, जिसमें वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों का सटीक अनुकरण किया गया. सुबह से ही एयरस्पेस को नियंत्रित कर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया ताकि अभ्यास बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके. वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर मुख्य अतिथि रहे. उन्होंने कहा कि देश आज दिन, धुंधली रोशनी और रात के अंधेरे में वायुसेना की वास्तविक मारक क्षमता से रूबरू होगा.
रिहर्सल में लड़ाकू विमान ने दिखाई ताकत : रिहर्सल के दौरान अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अलग-अलग मिशन प्रोफाइल में हिस्सा लिया. एयर-टू-ग्राउंड स्ट्राइक, लेजर-गाइडेड बम सिमुलेशन, रॉकेट फायरिंग और सटीक लक्ष्य भेदन जैसी रणनीतिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया. इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मुख्य कार्यक्रम के दौरान किसी भी तकनीकी या सामरिक त्रुटि की संभावना न रहे और पूरी कार्रवाई निर्धारित समयक्रम में संचालित हो.
पढ़ें: वायु शक्ति-26: पोकरण में गरजेंगे राफेल, सुखोई और तेजस जैसे फाइटर जेट, ऑपेरशन सिंदूर की झलक भी दिखेगी
हेलीकॉप्टर यूनिट्स ने भी कम ऊंचाई पर उड़ान, टेक्टिकल मूवमेंट और युद्धकालीन प्रतिक्रिया की ड्रिल का अभ्यास किया. साथ ही ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के माध्यम से त्वरित सैनिक तैनाती और लॉजिस्टिक सपोर्ट की रणनीतियों को परखा गया. आधुनिक ड्रोन सिस्टम और एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म की भागीदारी ने इस अभ्यास को और अधिक व्यापक और यथार्थपरक बना दिया.
#WATCH | Rajasthan: Drone show at the Indian Air Force's full dress rehearsal for Exercise Vayu Shakti- 2026 at the Chandan Field Firing Range in Pokhran, Jaisalmer. The exercise is scheduled to be held on 27th February. pic.twitter.com/IHNj640jlA
— ANI (@ANI) February 24, 2026
सुखोई की निर्णायक कार्रवाई, 44 बमों से ध्वस्त हुए लक्ष्य: रिहर्सल की शुरुआत सुखोई एमकेआई-30 ने की. ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर दुश्मन के रनवे, आतंकी ठिकानों, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सप्लाई डिपो, रेलवे यार्ड और ब्रिज को निशाना बनाया गया. करीब 1000 किलो क्षमता के 44 बम गिराकर लक्ष्य नष्ट किए गए. एयर-टू-एयर कॉम्बैट में सीमा में घुसे दुश्मन विमानों को वापस खदेड़ा गया. मिग-29 ने दुश्मन के टैंकों के काफिले को ध्वस्त किया. बम गिरते ही रेंज में धूल का विशाल गुबार छा गया. जगुआर विमानों ने दुश्मन के रडार और कंट्रोल सिस्टम को तबाह किया. दो जगुआर ने 'सुदर्शन' फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए लक्ष्य क्षेत्र की ओर बढ़ने का प्रदर्शन भी किया और बंकरों को नष्ट किया.
#WATCH | Rajasthan: Indian Air Force conducts a full dress rehearsal of Exercise Vayu Shakti- 2026 at the Chandan Field Firing Range in Pokhran, Jaisalmer. The exercise is scheduled to be held on 27th February. pic.twitter.com/6dp0HElpSw
— ANI (@ANI) February 24, 2026
आकाश मिसाइल और हेलिकॉप्टरों की संयुक्त ताकत: स्वदेशी आकाश मिसाइल ने हवा में ही लक्ष्य को मार गिराया और रात में भी सटीक प्रहार कर अपनी क्षमता साबित की. एएलएच हेलिकॉप्टर ने आर्म्ड व्हीकल को नष्ट किया, जबकि प्रचंड हेलिकॉप्टर ने लॉजिस्टिक सेंटर पर हमला किया. चिनूक हेलिकॉप्टरों ने 'विजय' कॉल साइन के तहत दो तोपें युद्ध क्षेत्र में उतारीं. हेलिकॉप्टरों ने बम और रॉकेट दागकर ठिकानों को तबाह किया. एमआई-17 ने घायल जवानों का सफल रेस्क्यू किया.
गरुड़ कमांडो का ऑपरेशन और बंधक मुक्ति: गरुड़ कमांडो और 10 पैरा कमांडो हेलीकॉप्टर से उतरकर बिल्डिंग तक पहुंचे. खिड़कियां तोड़कर भीतर घुसे, आतंकियों को मार गिराया और बंधकों को सुरक्षित मुक्त कराया. यह ऑपरेशन वास्तविक युद्ध परिस्थिति की तर्ज पर प्रदर्शित किया गया. रिहर्सल की खास उपलब्धि रही कि पहली बार सी-130 विमान ने रात में रनवे पर सफल लैंडिंग की और कमांडो दल को इवैक्युएट किया. यह विमान ऊबड़-खाबड़ और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी उतरने में सक्षम है. C-295 विमान ने असॉल्ट लैंडिंग कर सैनिकों को उतारा और पुनः उड़ान भरी. रात के अंधेरे में भी सटीक हमलों का प्रदर्शन किया गया.
The Indian Air Force gears up for a high-intensity firing demonstration at Pokhran Air-to-Ground Range, Jaisalmer, on February 27, 2026, to demonstrate combat dominance and operational excellence in safeguarding national security.#Vayushakti2026 @rajnathsingh @DefenceMinIndia… pic.twitter.com/Xsqk13p5cH
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) February 24, 2026
राफेल का सुपरसोनिक बूम, तेजस तकनीकी कारणों से नहीं हुआ शामिल: रिहर्सल के दौरान राफेल ने बिना पूर्व ध्वनि के रेंज में प्रवेश किया और अचानक सुपरसोनिक बूम से दर्शकों को चौंका दिया. अभ्यास के समापन पर सी-17 ग्लोबमास्टर ने फ्लेयर छोड़कर विजय का संदेश दिया, जिससे पूरा मैदान रोशनी से जगमगा उठा. इस अभ्यास में तेजस फाइटर जेट को शामिल होना था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी की सूचना के बाद उसे एहतियातन ग्राउंड कर दिया गया और वह रिहर्सल का हिस्सा नहीं बन सका.
राष्ट्रपति मुर्मू होंगी मुख्य अतिथि : राजस्थान डिफेंस पीआरओ निखिल धवन के अनुसार, 'वायु शक्ति-2026' का मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित होगा. इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहेंगे. देशभर के 8 एयरबेस से 73 फाइटर जेट उड़ान भरकर सामरिक समन्वय और मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे.
पढ़ें: हिंद के वीरों ने किया 'आकाश से बिजली का प्रहार', 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने दिखाई ताकत
वहीं, भारतीय सेना की दक्षिणी कमान के अंतर्गत आने वाली सुदर्शन चक्र कोर ने सोमवार को यहां आधुनिक युद्ध क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. 'पहचानो, निर्णय लो और नष्ट करो' की रणनीति पर आधारित इस सैन्य अभ्यास में लक्ष्य की सटीक पहचान से लेकर उस पर त्वरित और सटीक प्रहार तक की पूरी प्रक्रिया का सफल प्रदर्शन किया गया. तोपखाने की मारक क्षमता को अत्याधुनिक मानवरहित हवाई प्रणालियों के साथ जोड़कर सटीक युद्ध कौशल को नई ऊंचाई दी गई.
तोपखाने और ड्रोन का सटीक समन्वय : अभ्यास के दौरान मानव रहित हवाई प्रणालियों के माध्यम से दिन-रात और हर मौसम में लगातार निगरानी की क्षमता प्रदर्शित की गई. आकाश से प्राप्त वास्तविक समय की खुफिया जानकारी को तुरंत तोपखाना इकाइयों तक पहुंचाया गया, जिससे अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य भेदन संभव हुआ. बदलती युद्ध परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, कम समय में निर्णय और उच्च सटीकता वाले प्रहार इस अभ्यास की मुख्य विशेषताएं रहीं. इससे सेना की निगरानी क्षमता, तत्परता और सुरक्षा स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई.
Detect. Decide. Destroy.#SudarshanChakraCorps of #SouthernCommand is redefining precision warfare at the #Pokharan Field Firing Range (PFFR) by seamlessly integrating artillery firepower with advanced Unmanned Aerial Systems to enable all-weather, day-and-night persistent… pic.twitter.com/0TQpxQl3Tl
— Southern Command INDIAN ARMY (@IaSouthern) February 23, 2026
रसद प्रबंधन और त्वरित पुनर्तैनाती का प्रदर्शन : सैन्य अभ्यास में मजबूत रसद प्रबंधन और त्वरित पुनर्तैनाती का भी सफल परीक्षण किया गया. युद्धक्षेत्र में कम समय में संसाधनों और सैनिकों की पुनः तैनाती कर संचालन की निरंतरता सुनिश्चित की गई. इस समन्वित अभ्यास ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होकर हर परिस्थिति में मिशन पर प्रभुत्व बनाए रखने में सक्षम है. पश्चिमी सीमा के निकट आयोजित इस गतिविधि को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सेना के शौर्य और संकल्प का प्रदर्शन : इस अभ्यास ने भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और अटूट संकल्प की भी झलक दिखाई. कठिन रेगिस्तानी परिस्थितियों में दिन-रात संचालन कर सैनिकों ने साबित किया कि वे हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं. अत्याधुनिक तकनीक के साथ मानवीय कौशल का संगम इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत रहा. सीमित समय में सटीक निर्णय, लक्ष्य पर अचूक प्रहार और मिशन के प्रति पूर्ण समर्पण ने सेना की पेशेवर क्षमता को उजागर किया. यह अभ्यास न केवल युद्ध दक्षता का प्रदर्शन था, बल्कि देश की सुरक्षा के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का भी सशक्त संदेश है.
भव्य ड्रोन शो ने बांधा समां: फुल ड्रेस रिहर्सल के समापन पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया. सैकड़ों ड्रोन ने आसमान में भारत का नक्शा उकेरा और वायुसेना की ताकत का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया. शो में 1965 के युद्ध में सरगोधा पराक्रम, कारगिल में टाइगर हिल पर बमबारी, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दृश्य प्रदर्शित किए गए. रंग-बिरंगी आतिशबाजी और रोशनी के बीच यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए रोमांचकारी और देशभक्ति से ओतप्रोत क्षण साबित हुई.

