भारतीय सेना ने रेतीले धोरों में बरसाई 'आग', दिखाई अपनी मारक क्षमता
सेना की दक्षिणी कमान ने जैसलमेर की पोकरण रेंज में सैन्य अभ्यास किया. इसमें सेना की संयुक्त मारक क्षमता का प्रदर्शन किया गया.

Published : February 25, 2026 at 9:36 AM IST
जैसलमेर: भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की टुकड़ियों ने जैसलमेर की पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में सैन्य अभ्यास 'अग्नि वर्षा' किया. थार में इस व्यापक युद्धाभ्यास में सेना ने अपनी परिचालन तत्परता, समेकित युद्ध कौशल और आधुनिक तकनीक आधारित क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया. सेना ने अपनी तैयारी संयुक्त हथियारों के समन्वित प्रयोग, लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और नेटवर्क-सक्षम कमांड एवं कंट्रोल प्रणाली को वास्तविक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप परखी.
संयुक्त फायर एवं मैन्युवर ड्रिल के जरिए मैकेनाइज्ड फोर्सेज ने बहु-डोमेन वातावरण में तालमेल, गति और सटीकता का प्रदर्शन किया. 25 देशों से आए रक्षा पत्रकारों ने भी अभ्यास देखा. जनसंपर्क अधिकारी (रक्षा) राजस्थान लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया, अग्नि वर्षा ने रेगिस्तानी क्षेत्र में संयुक्त युद्ध क्षमता, आधुनिक तकनीक और त्वरित निर्णय क्षमता का सफल प्रदर्शन किया. यह राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की पूर्ण तैयारी दर्शाता है.
#WATCH | Rajasthan: The troops of Southern Command of Indian Army conducted Exercise Agni Varsha at the Pokhran Field Firing Ranges on 24 February 2026, demonstrating their operational preparedness and integrated combat capabilities in the Desert Sector.
— ANI (@ANI) February 24, 2026
The exercise validated… pic.twitter.com/R55DSAmXM5
लेफ्टिनेंट कर्नल निखिल धवन ने बताया कि 'अग्नि वर्षा' में मानवरहित हवाई प्रणालियां, काउंटर-ड्रोन तकनीक, सटीक प्रहार रॉकेट, आधुनिक तोपखाना प्लेटफॉर्म और नेटवर्क आधारित निगरानी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया गया. संयुक्त मैन्युवर फोर्स में टी-90 टैंक, के-9 वज्र, बोफोर्स तोप प्रणाली, रॉकेट प्लेटफॉर्म, स्वदेशी एएलएच वेपन सिस्टम इंटीग्रेटेड हेलिकॉप्टर, एएच-64 अपाचे और विभिन्न स्ट्राइक और सर्विलांस ड्रोन शामिल रहे. सेना का कहना था कि यह अभ्यास सेना की प्रौद्योगिकी समावेशन, आत्मनिर्भरता और क्षमता विकास की दिशा में निरंतर प्रगति को दर्शाता है.


