भारत-नेपाल सीमा पर गंडक नदी का भीषण कटान, एसएसबी DG मुख्य सचिव को लिखा पत्र
भारत-नेपाल सीमा पर गंडक के कटान से भारतीय इलाकों के जलमग्न होने की आशंका को लेकर एसएसबी ने कार्रवाई की मांग की है. रिपोर्ट-विवेक कुमार

Published : August 25, 2026 at 9:01 AM IST
मुजफ्फरपुर: पश्चिमी चंपारण में भारत-नेपाल सीमा पर सुस्ता गांव के पास गंडक नदी के कटान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. नेपाल की ओर तटबंध के विस्तार और उसके सुदृढ़ीकरण के बाद गंडक नदी की धारा का प्रवाह भारतीय क्षेत्र की ओर बदलने की आशंका जताई गई है. इससे सीमा से सटे भारतीय इलाके में लगातार तेज कटाव हो रहा है. इसको लेकर SSB के महानिदेशक संजय सिंघल ने बिहार के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है.
रेखा का उल्लंघन: महानिदेशक के पत्र के मुताबिक, दो अगस्त को नेपाल के सुस्ता गांव के कुछ नागरिकों ने असामाजिक तत्वों के सहयोग से यथास्थिति रेखा का उल्लंघन करते हुए तटबंध का विस्तार करने का प्रयास किया था. पूर्व में यह सहमति बनी थी कि यथास्थिति रेखा का उल्लंघन नहीं किया जाएगा और उसके समीप तटबंध निर्माण भी नहीं होगा. इसके बावजूद भारतीय क्षेत्र की ओर तटबंध का विस्तार किया गया.

पहचान बिंदु पाकड़ का पेड़ ध्वस्त: सूचना मिलने के बाद यथास्थिति बहाल कर दी गई. 12 अगस्त को तेज जलधारा के कारण गंडक नदी के प्रवाह मार्ग में बदलाव की जानकारी मिली. इसके बाद पूर्वी किनारे पर स्थित धनैयारेता और भारतीय क्षेत्र में भारी कटान हो रहा है. कटान के कारण यथास्थिति रेखा पर स्थित महत्वपूर्ण पहचान बिंदु पाकड़ का पेड़ भी उखड़कर नदी में समा गया है.
फिलहाल कटान सेमल के पेड़ की ओर बढ़ रहा है. SSB ने आशंका जताई है कि नदी की वर्तमान धारा भविष्य में मुख्य धारा में बदल सकती है. इससे वर्ष 2005 से SSB द्वारा अनुरक्षित यथास्थिति रेखा और सुस्ता से सटे भारतीय क्षेत्र के जलमग्न होने का खतरा है. सीमा सुरक्षा और भारतीय क्षेत्र को कटान से बचाने के लिए अब प्रशासन के सामने तत्काल ठोस कदम उठाने की चुनौती है.
सशस्त्र सीमा बल यानी SSB के महानिदेशक संजय सिंघल ने बिहार के मुख्य सचिव और प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया है. उन्होंने भारतीय क्षेत्र में हो रहे कटान को रोकने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया है.

प्रशासन ने बुलाई आपात बैठक: इसको लेकर प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है. मामले में आठ सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक भी बुलाई गई है.
बारहमासी सड़क बनाने का आग्रह: इसके साथ ही SSB के महानिदेशक ने सुस्ता क्षेत्र में सीमा चौकी चकदावा, रामपुरवा और झेंडूटोला से यथास्थिति रेखा तक बारहमासी सड़क बनाने, चकदावा सीमा चौकी से हरिद्वार पुल तक सड़क निर्माण और हरिद्वार पुल से झेंडूटोला गांव तक सड़क निर्माण कराने का भी आग्रह किया है.
ये भी पढ़ें:

