US-IRAN युद्ध की आशंकाओं के बीच एडवाइजरी जारी, जानें क्या कहते हैं ईरान में रह रहे भारतीय
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के संभावनाओं के चलते भारत ने एडवाइजरी जारी की है. जानें क्या कहते हैं ईरान में रहे भारतीय.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 10:41 AM IST
|Updated : February 25, 2026 at 11:20 AM IST
लखनऊ: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने 23 फरवरी 2026 को एडवाइजरी जारी कर ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से देश छोड़ने की सलाह दी है.
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि वर्तमान हालात को ध्यान में रखते हुए छात्र, तीर्थयात्री, व्यवसायी और पर्यटक वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग कर भारत लौटने पर विचार करें.

गौर करें तो 14 जनवरी 2026 को जारी परामर्श को दोहराते हुए सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIOs) से अपील की है कि वे विरोध प्रदर्शनों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें और स्थानीय मीडिया पर लगातार नजर रखें.
लखनऊ से बड़ी संख्या में लोग ईरान में
ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए सैयद हैदर अब्बास ने बताया कि लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ईरान गए थे, जिनमें से कई 15-20 दिन पहले ही भारत लौट चुके हैं. हालांकि, वहां अब भी बड़ी संख्या में छात्र और वर्षों से रह रहे परिवार मौजूद हैं.
उन्होंने बताया कि कुछ भारतीय नागरिक स्वास्थ्य कारणों से फिलहाल यात्रा नहीं कर सकते. एक परिवार के सदस्य का ईरान में ओपन हार्ट सर्जरी हुई है और डॉक्टरों ने उन्हें यात्रा से मना किया है. ऐसे में वे भारत नहीं आ सकते.
मौलाना मिसम भी ईरान में ही हैं. उनके परिवार के लोगों ने बातचीत में उन्होंने हालात को सामान्य बताया और कहा कि फिलहाल आने का कोई इरादा नहीं है. उनका कहना है कि “अभी युद्ध जैसी कोई स्थिति नहीं है. अगर भविष्य में हालात बिगड़ते हैं तो निर्णय लिया जाएगा.”
तेहरान में रह रहे मौलाना अकील के बारे में भी बताया गया कि वे सुरक्षित हैं और हालात सामान्य हैं. कई छात्रों की राय भी यही है कि वे फिलहाल ईरान में ही रहना चाहते हैं.
धार्मिक हस्तियों के परिवार भी ईरान में
लखनऊ के चौपटिया निवासी मौलाना मकबूल अपनी पत्नी के साथ वर्षों से ईरान में रह रहे हैं. संपर्क करने पर उन्होंने भी हालात को सामान्य बताया और वापसी को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी.
इसी तरह मशहूर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे ज्वाद के बेटे और बहू भी इस समय ईरान में हैं. हालांकि उन्होंने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उल्लेखनीय है कि पिछली बार जब और के बीच तनाव बढ़ा था, तब भी वे ईरान में ही थे.
युद्ध की स्थिति में बढ़ जाती है मुश्किल
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो सबसे पहले वाणिज्यिक उड़ानें स्थगित होती हैं, जिससे वहां रह रहे लोगों के लिए बाहर निकलना कठिन हो जाता है. पिछली बार तनाव के दौरान भारत सरकार ने विशेष अभियान चलाकर तीर्थयात्रियों और छात्रों को सुरक्षित वापस लाया था.
दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
भारत सरकार ने ईरान में रह रहे नागरिकों से अपील की है कि वे अपने पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेज हमेशा तैयार रखें. किसी भी आपात स्थिति में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जा सकता है.
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:
+989128109115
+989128109109
+989128109102
+989932179359
ईमेल: cons.tehran@mea.gov.in
इसके अलावा जिन भारतीय नागरिकों ने अब तक दूतावास की वेबसाइट पर पंजीकरण नहीं कराया है, उनसे https://www.meaers.com/request/home पर जाकर रजिस्ट्रेशन करने को कहा गया है. यदि इंटरनेट बाधित हो, तो भारत में रह रहे परिजन भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.
फिलहाल लखनऊ समेत देशभर के हजारों छात्र और तीर्थयात्री ईरान में मौजूद हैं. अधिकतर लोगों का कहना है कि हालात अभी सामान्य हैं, लेकिन स्थिति बदलने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी. भारत सरकार ने एहतियातन कदम उठाते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.
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