देश में फरवरी में एक झटके में बढ़ जाएगी चीतों की आबादी, एयरफोर्स के खास विमान से करेंगे एंट्री
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में 8 बोत्सवाना चीतों की खास विमान से होगी एंट्री. वायुसेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे कूनो.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 7:34 PM IST
श्योपुर: साल 2026 कई मायनों में मध्य प्रदेश के लिए खास रहने वाला है. इनमें से ही एक चीतों को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है. फरवरी के महीने में मध्य प्रदेश ही नहीं में देश में भी बढ़ जाएगी चीतों की आबादी. इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा काम शुरू कर दिया गया है. नए साल में प्रदेश में नए मेहमान आने जा रहे है. इस बार ये मेहमान नामीबिया दक्षिण अफ्रीका से नहीं बल्कि बोत्सवाना से आने वाले है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो गई है. इन मेहमानों को भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से ग्वालियर लाया जाएगा.
फरवरी में मिलेगी चीतों की सौगात
चीतों की ये सौगात फरवरी के महीने में मिलेगी. यह सौगात पहले 26 जनवरी को मिलने वाली थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते चीतों के देश में आने की तारीख को बढ़ा दिया गया है. इसकी पुष्टि कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने की है. साथ ही उन्होंने बताया कि इसके लिए कुछ दिन पहले बाकायदा एक 3 सदस्यीय टीम कूनो नेशनल पार्क पहुंची थी, जिसने यहां चीतों के रहने को लेकर गहन अध्ययन कर लिया है. एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क इतिहास रचने के लिए तैयार है.

अंतिम दौर में चल रहीं तैयारियां
कूनो डीएफओ ने बताया,"फरवरी 2026 तक बोत्सवाना से 8 चीतों को भारत लाने की तैयारी है. इनमें 2 वयस्क मादा चीता और उनके 6 छोटे शावक शामिल हैं. यह पहली बार होगा जब भारत में मादा चीता अपने शावकों के साथ लाई जाएगी. इन चीतों को भारत में लाने की तैयारी अंतिम दौर में चल रही है. चीतों को बोत्सवाना से भारतीय वायुसेना के खास विमान द्वारा लाया जाएगा."

सेरेत्से खामा एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे चीते
यह विमान बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन स्थित सर सेरेत्से खामा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चीतों को लेकर भारत के लिए उड़ान भरेगा. हजारों किलोमीटर की यात्रा के बाद विमान ग्वालियर वायुसेना स्टेशन पर उतरेगा. यहां से चीतों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा. जिन्हें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की देखरेख में बड़े सुरक्षित बाड़े में रखकर क्वारंटाइन किया जाएगा. यहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम उनको मॉनिटर करेगी. इसके बाद उन्हें चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा.

उच्च स्तरीय दल ने कूनो का किया निरीक्षण
बोत्सवाना से आए 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क का गहन निरीक्षण कर लिया है. इस दल में पशु चिकित्सक, सुरक्षा अधिकारी, वन्यजीव वैज्ञानिक भी शामिल थे. टीम ने चीतों के लिए विकसित किए गए बाड़ों, पशु चिकित्सा, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद चीता प्रोजेक्ट के अगले चरण को हरी झंडी भी दे दी है.
'भारतीय वातावरण में ढल रहे चीते'
डीएफओ आर थिरुकुराल ने बताया, "3 मादा चीता द्वारा 12 शावकों को जन्म देना यह दर्शाता है कि चीते भारतीय वातावरण और जलवायु के अनुकूल खुद को ढाल रहे हैं. कूनो की धरती पर शावकों का जन्म इस बात का प्रमाण है कि 'प्रोजेक्ट चीता' अपने दूसरे चरण में सफल हो रहा है. वन्यजीव संरक्षण में मौतें (खासकर शावकों की) एक प्राकृतिक और कठिन सच्चाई है. 6 चीतों (3 शावक और 3 वयस्क) को खोना दुखद है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, जंगली जीवों के पुनर्वास के शुरुआती वर्षों में मृत्यु दर की आशंका हमेशा बनी रहती है. भारत में चीतों का कुनबा बढ़ना न केवल जैव-विविधता के लिए अच्छा है, बल्कि यह ग्रासलैंड इकोसिस्टम के पुनरुद्धार में भी मदद करेगा."

3 चीतों को मंदसौर में किया गया शिफ्ट
मंदसौर के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य आधिकारिक तौर पर चीतों का दूसरा घर बन गया है. वर्तमान में यहां 3 चीतों को शिफ्ट किया गया है, जो कूनो नेशनल पार्क के बाहर चीतों के एक नए 'मेटा-पॉपुलेशन' केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 27 चीते मौजूद हैं. 2025 के अंत तक भारत में चीतों की कुल संख्या 30 तक पहुंच गई है, जिसमें भारत की धरती पर जन्मे 19 शावक शामिल हैं.
नौरादेही बना चीतों का तीसरा घर
मध्य प्रदेश के सागर स्थित नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य को चीतों के तीसरे घर के रूप में मंजूरी मिल गई है. इसे 2026 के मानसून से पहले तैयार करने का लक्ष्य है. भारत सरकार बोत्सवाना से 8 और चीतों को लाने की तैयारी में है, जिनके फरवरी 2026 तक कूनो पहुँचने की संभावना है.

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वर्तमान में कूनो में 27 चीते, जिसमें 8 विदेशी
इस संबंध में कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने जानकारी देते हुए बताया कि बोत्सवाना से नए चीतों की खेप आने वाली है. जिससे इस बार कूनो नेशनल पार्क में टूरिस्ट की संख्या में इजाफा होगा. फरवरी माह में बोत्सवाना से नए चीतों की आने की पूरी संभावना है. कूनो में वर्तमान में 27 चीते हैं, जिसमें 19 भारतीय और 8 विदेशी चीते हैं. जबकि फरवरी माह में बोत्सवाना ने 8 और चीते लाए जाने हैं, जिसके बाद कूनो में चीतों की संख्या 35 हो जाएगी."

