ETV Bharat / state

चंद्रग्रहण के बाद काशी में घाटों पर उमड़ा जनसैलाब; लोगों ने गंगा स्नान, दान और आरती की

गंगा सेवा निधि अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा कि काशी आए पर्यटकों ने गंगा स्नान दान के बाद गंगा आरती का आनंद लिया.

Photo Credit: ETV Bharat
पूर्ण चंद्रग्रहण के बाद काशी में गंगा घाटों पर जमघट. (Photo Credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 9:33 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

वाराणसी: मंगलवार को लगे पूर्ण चंद्रग्रहण के बाद काशी में गंगा घाटों पर भक्ति और आस्था का जन सैलाब दिखाई दिया. एक तरफ जहां गंगा में पुण्य की डुबकी लगाकर दान करने वालों की भीड़ रही तो वहीं होली से पहले लगे चंद्र ग्रहण में काशी आए पर्यटकों ने गंगा स्नान दान के बाद गंगा आरती का आनंद लिया.

जबरदस्त भीड़ के बीच काशी में गंगा आरती पूर्ण हुई और होली की शुभकामनाएं दी गईं. दशाश्वमेध घाट गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती चंद्रग्रहण की वजह से, समय में बदलाव के साथ अपने निर्धारित समय से एक घंटे की देरी से प्रारंभ हुई.

जानकारी देते गंगा सेवा निधि अध्यक्ष सुशांत मिश्रा (Video Credit: ETV Bharat)

गंगा आरती के समय में बदलाव: मां गंगा की दैनिक आरती शाम 7:30 बजे से प्रारंभ हुई और अपने पूरे परंपरागत रूप में सम्पन्न हुई. गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि चंद्रग्रहण की वजह से दशाश्वमेध घाट पर विश्व विख्यात मां गंगा की आरती के समय में बदलाव किया गया.

Photo Credit: ETV Bharat
बनारस में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ (Photo Credit: ETV Bharat)

चंद्र ग्रहण के कारण मंगलवार को मां गंगा की दैनिक आरती शाम 6:15 की जगह शाम 7:30 बजे से प्रारंभ हुई. भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ और शाम को 6 बजकर 47 मिनट पर इसका समापन हुआ.

Photo Credit: ETV Bharat
काशी में भक्ति और आस्था का जन सैलाब (Photo Credit: ETV Bharat)

ऐतिहासिक बदलावों का रिकॉर्ड: ग्रहण की अवधि को देखते हुए आरती के समय में यह फेरबदल किया गया. इसके पिछले साल 2025 में चंद्र ग्रहण के कारण 7 सितम्बर को मां गंगा की दैनिक आरती दोपहर 12 बजे सम्पन्न कराई गई थी. पिछले 35 वर्षों में यह छठवीं बार है जब आरती के समय में इस तरह का बदलाव हुआ है. इससे पहले 28 अक्तूबर 2023, 16 जुलाई 2019, 27 जुलाई 2018 और 7 अगस्त 2017 में मां गंगा की आरती ग्रहण के कारण दिन में ही आयोजित की गई थी.

यह भी पढ़ें- Hair Power: अब इंसानी बाल बनेंगे किसानों का सहारा, प्राकृतिक यूरिया का जोरदार विकल्प