यूपी में अब 50 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए नहीं होगी NOC, सेल्फ डिक्लेरेशन पर मिलेगा कनेक्शन
स्व-घोषणा में दी गई किसी भी गलत जानकारी या विद्युत स्थापना से उत्पन्न दुर्घटना के लिए संबंधित उपभोक्ता की जिम्मेदारी निर्धारित होगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 10:17 PM IST
लखनऊ : योगी आदित्यनाथ सरकार ने बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल और उपभोक्ता हितैषी बना दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि अब 50 किलोवाट तक के विद्युत कनेक्शनों के लिए पूर्व निर्धारित विद्युत सुरक्षा निदेशालय के निरीक्षण, अनापत्ति प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार की तरफ से जारी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होगी. उपभोक्ता का सेल्फ डिक्लेरेशन ही काफी होगा.
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व चेयरमैन पावर कारपोरेशन डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि 50 किलोवाट तक के कनेक्टेड लोड वाले एलएमवी-1 घरेलू बत्ती और पंखा, एलएमवी-2 वाणिज्यिक बत्ती और पंखा, एलएमवी-4 सार्वजनिक और निजी संस्थान, एलएमवी-5 निजी नलकूप, एलएमवी-9 निजी आवास के निर्माण के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन, एलएमवी-11 विद्युत वाहन चार्जिंग, निर्धारित अपवादों को छोड़कर, एचवी-4 लिफ्ट और सिंचाई के कनेक्शनों को इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा.
उपभोक्ता को स्व-घोषणा करनी होगी कि उसके परिसर में विद्युत स्थापना का कार्य राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त लाइसेंसधारी ठेकेदार ने किया है. स्थापना केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के निर्धारित सुरक्षा मानकों और भारतीय मानक ब्यूरो के संबंधित मानकों के अनुरूप है. एलएमवी-2 और एलएमवी-4 श्रेणी के ऐसे प्रतिष्ठानों में जहां 100 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने की संभावना हो, विद्युत कनेक्शन जारी करने से पूर्व विद्युत सुरक्षा निदेशालय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र और लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार का कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य रहेगा.
10 या अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय, स्थायी या अस्थायी बैंक्वेट हॉल, हॉस्टल, प्रदर्शनी स्थल, कला दीर्घा, क्रेच, प्ले जोन, थिएटर, संग्रहालय और 150 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले रेस्टोरेंट जैसे परिसरों में सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्युत सुरक्षा निरीक्षण और आवश्यक प्रमाण-पत्र की व्यवस्था लागू रहेगी.
उन्होंने बताया कि विद्युत निरीक्षक किसी परिसर को सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील मानता है तो वह विद्युत कनेक्शन जारी होने से पहले या बाद में भी अनापत्ति प्रमाण-पत्र और कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का निर्देश दे सकता है. एलएमवी-11 श्रेणी के विद्युत वाहन चार्जिंग प्रतिष्ठानों में बेसमेंट में स्थित विद्युत स्थापनाओं के लिए विद्युत सुरक्षा निरीक्षण के बाद एनओसी और लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार का कार्यपूर्णता प्रमाण-पत्र आवश्यक होगा. एलएमवी-9 श्रेणी में निजी आवास के निर्माण के लिए 50 किलोवाट तक के अस्थायी कनेक्शन को छोड़कर अन्य मामलों में निर्धारित विद्युत सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना होगा.
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि स्व-घोषणा के माध्यम से कनेक्शन प्राप्त करने वाले उपभोक्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्युत स्थापना सुरक्षित है, निर्धारित मानकों के अनुरूप है. स्व-घोषणा में दी गई किसी भी गलत जानकारी या विद्युत स्थापना से उत्पन्न दुर्घटना के लिए संबंधित उपभोक्ता की जिम्मेदारी निर्धारित होगी.
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दो किलोवाट से अधिक स्वीकृत लोड होने पर अर्थ लीकेज प्रोटेक्शन डिवाइस और 250 वोल्ट से अधिक वोल्टेज की स्थिति में निर्धारित अर्थिंग व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्युत कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त करते हुए सुरक्षित और सरल बनाना है.
IIM लखनऊ में प्रशिक्षण के लिए 70 अधिकारियों का चयन : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने अधिकारियों की प्रबंधकीय दक्षता, नेतृत्व क्षमता और कार्यकुशलता को और बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है. इस पहल के अंतर्गत भारतीय प्रबंध संस्थान लखनऊ के दो वर्षीय Blended MBA (bMBA) कार्यक्रम, शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए UPPCL और संबद्ध विद्युत निगमों के अधिकारियों का चयन किया गया है.
इस कार्यक्रम के लिए कुल 70 अधिकारियों का चयन किया गया है. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (कार्मिक एवं प्रबंधन) डॉ. जान मथाई ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है. यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि IIM लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान के इस कार्यक्रम के माध्यम से चयनित अधिकारियों को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों, नेतृत्व विकास, रणनीतिक निर्णय लेने और संगठनात्मक प्रबंधन से संबंधित उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और ज्ञान प्राप्त होगा.
यह भी पढ़ें : इकाना में बना रिकॉर्ड; UP T-20 पर नहीं चला बारिश का जोर, खेले गए सभी 22 मुकाबले

