नूंह में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की सजा, 25 हजार रुपये का जुर्माना
नूंह में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष की सजा सुनाई है.

Published : December 19, 2025 at 8:45 PM IST
नूंहः अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पोक्सो एक्ट) नूंह ने एक संवेदनशील मामले में शकील पुत्र रुजदार को दोषी पाया. मामले में अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं में भी सजाएं सुनाई गईं, लेकिन सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. मामला वर्ष 2022 का है, फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र का है.
क्या है पूरा मामलाः विशेष सहायक लोक अभियोजक विजय सहरावत ने बताया कि "18 जुलाई 2022 की रात करीब 8 बजे दोषी शकील ने फोन करके शिकायतकर्ता की 10 वर्षीय बेटी और बेटे को दुकान से सामान दिलाने के बहाने घर से बुलाया. रास्ते में शकील ने लड़के को मारपीट कर 50 रुपये देकर भगा दिया. लड़की को अपने घर ले जाकर कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा और उसका यौन शोषण किया."
"शकील ने पीड़िता को धमकी भी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो जान से मार देगा. पीड़िता घर लौटी, लेकिन डर के मारे चुप रही. अगली सुबह उसके चेहरे पर चोट के निशान देखकर परिजनों ने पूछताछ की, तब पूरा मामला सामने आया. पीड़ित की मां की शिकायत पर पुलिस ने धारा 323, 341, 366, 506 आईपीसी और धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया."
17 दिसंबर को अदालत ने ठहराया था दोषीः अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. अशु संजीव तिंजन की अदालत में कई वर्ष तक मामले की सुनवाई चली. जुटाए गए सबूतों और करीब 17 गवाहों के बयानों के आधार पर 17 दिसंबर अदालत ने शकील को दोषी ठहराया. मामले में 19 दिसंबर को दोषी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये की जुर्माना भरने की सजा दी गई. पीड़ित पक्ष ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है. मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के आधार पर यह सजा सुनाई गई.

