दिल्ली के आया नगर हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ के बाद दो कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
बताया गया कि घेराबंदी करने पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए.

Published : January 6, 2026 at 6:45 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 7:45 PM IST
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के आया नगर इलाके में पिछले साल 30 नवंबर को हुए सनसनीखेज हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम ने मुठभेड़ के बाद दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया. इनमें हत्या का मुख्य शूटर नरेंद्र उर्फ निट्टू भी शामिल है. कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए.
क्राइम ब्रांच डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि 30 नवंबर, 2025 को आया नगर में डेयरी संचालक रतन लाल लोहिया की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हमलावरों ने करीब आधे घंटे तक मौके पर इंतजार करने के बाद जैसे ही रतन लाल वहां पहुंचे, उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी. फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि मृतक के शरीर पर 69 गोलियों के निशान थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या पूरी तरह से सुनियोजित और क्रूर तरीके से की गई.
डीसीपी के अनुसार, शुरुआती जांच में इस हत्याकांड के पीछे रंदीप भाटी–नीरज फरीदपुरिया गैंग का हाथ सामने आया और बताया गया कि हत्या रंजिश के चलते की गई. पुलिस को शक है कि वारदात मृतक के बेटे दीपक से जुड़ी पुरानी घटना का बदला हो सकती है. मई 2025 में दीपक पर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास कारोबारी अरुण लोहिया की गोली मारकर हत्या का आरोप है, जिस मामले में वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.
#WATCH दिल्ली | द्वारका इलाके में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के पैरों में गोली लगी है। दोनों आया नगर गोलीबारी की घटना में शामिल थे, जहां 69 गोलियां चलाई गई थीं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है: दिल्ली पुलिस… pic.twitter.com/cuaRxYdPka
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 6, 2026
मौजूदगी की मिली सूचना: हत्याकांड के बाद से आरोपी फरार थे और मृतक के परिवार के लिए लगातार खतरा बने हुए थे. डीसीपी के मुताबिक, एजीएस क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मैनुअल और टेक्निकल इनपुट के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. मंगलवार को द्वारका इलाके में आरोपियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
21 से अधिक मामले दर्ज: पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए. इस दौरान एसआई रणधावा यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, जिससे वह बाल-बाल बच गए. मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमल अधाना और नरेंद्र उर्फ निट्टू के रूप में हुई. नरेंद्र के खिलाफ 21 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि कमल अधाना पर भी सात से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.
फिलहाल पूछताछ जारी: डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, दर्जनों जिंदा कारतूस, खाली खोखे और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई है. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रिठोड़ी भाटी गैंग से जुड़े हुए हैं, जिसका सरगना रंदीप भाटी फिलहाल मंडोली जेल में बंद है. फिलहाल दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
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