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2025 में हिमाचल में नवंबर तक 1785 सड़क हादसे, ये जिला है सबसे टॉप पर

हिमाचल मे जनवरी से नवंबर तक 1785 सड़क हादसे हुए. ये आंकड़े चिंताजनक हैं.

2025 में हिमाचल में नवंबर तक 1785 सड़क हादसे
Etv Bharat2025 में हिमाचल में नवंबर तक 1785 सड़क हादसे (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : December 29, 2025 at 7:28 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश की घुमावदार पहाड़ी सड़कें हिमाचल की लाइफलाइन मानी जाती हैं, लेकिन आज ये सड़कें आम लोगों के लिए खतरे की घंटी बनती जा रही हैं. हिमाचल पुलिस मुख्यालय से मिले आंकड़ों प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों कड़वी सच्चाई बताते हैं. तमाम दावों, योजनाओं और सरकारी अभियानों के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा.

पुलिस मुख्यालय से सामने आए ताज़ा आंकड़े इस गंभीर समस्या की तस्वीर और भी साफ कर देते हैं. साल 2025 के जनवरी से नवंबर महीने के बीच प्रदेश में 1785 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं, लेकिन ये आंकड़े बीते सालों के मुकाबले कुछ कम हो सकते हैं. फिर भी ये आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर भी बड़े सवाल खड़े करता है. पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों, संकरी सड़कों, अंधे मोड़ों और तेज़ रफ्तार के बीच हिमाचल की सड़कें लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं.

कहां कितने हादसे

भले ही सड़क विस्तार में हिमाचल को देश का सरताज बना हो, लेकिन लेकिन पहाड़ी प्रदेश की सर्पीली सड़कें लोगों की जान ले रही हैं. अब तक के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो यहां इस साल जनवरी से लेकर नवंबर तक सबसे अधिक सड़क हादसे हुए हैं, जबकि सबसे कम सड़क हादसे लाहौल स्पीति में हुए हैं. बीबीएन 122, बिलासपुर 119, चम्बा 64, देहरा 47, हमीरपुर 63, कांगड़ा 141, किन्नौर 42, कुल्लू 138, लाहौल स्पीति 19, मंडी 231, नूरपुर 71, शिमला 249, सिरमौर 168, सोलन 139, ऊना में 172 हादसे हुए.

कहां कितने हादसे
कहां कितने हादसे (Etv Bharat)

कोरोना काल और लॉकडाउन में भी नहीं थमे हादसे

सबसे हैरानी की बात यह है कि हादसों की यह रफ्तार उस समय भी नहीं थमी थी, जब प्रदेश कोरोना काल के दौरान लंबे लॉकडाउन से गुजर रहा था. इससे साफ है कि समस्या सिर्फ ड्राइवर की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क निर्माण, रखरखाव और सरकारी सिस्टम की खामियां भी इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं. अगर हम 2024 के सड़क हादसों को देखें तो 2159, 2023 में 2255, 2022 में 2592, 2021 में 2408, 2020 में 2236 सड़क हादसे हुए थे. 2020 और 2021 कोरोना काल था और लॉकडाउन लगा था तब भी सड़क हादसों की रफ्तार नहीं थमी.

कब कितने हादसे
कब कितने हादसे (Etv Bharat)

अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल में ज्यादा खतरा

हिमाचल के कुछ साल के सड़क हादसों को देखते हुए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के सर्वे में हिमाचल को अन्य पहाड़ी राज्यों की तुलना में सड़क हादसों में सबसे खतरनाक राज्य बताया है. हिमाचल में औसतन अन्य पहाड़ी राज्यों की तुलना सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं सामने आती हैं. पुलिस भी कई सड़क सुरक्षा अभियान चलाती है. सोशल मीडिया के जरिए नशे, तेज रफ्तार में गाड़ी न चलाने, यातायात नियमों का उल्लंघन न करने को लेकर जागरूक करती है. सरकार की ओर भी रोड सेफ्टी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़क हादसे थमने का नाम नहीं लेते.

सड़क हादसे रोकने को लेकर सरकार के प्रयास

हिमाचल प्रदेश में बढ़ते सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों और तंग सड़कों को देखते हुए सरकार सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. राज्य सरकार ने ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सुधारात्मक कार्य शुरू किए हैं. खतरनाक मोड़ों पर क्रैश बैरियर, पैरापिट वॉल, साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई गई है. यातायात नियमों की सख्त पालन के लिए पुलिस विशेष अभियान चला रही है. ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, मोबाइल फोन का प्रयोग और बिना हेलमेट वाहन चलाने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. आधुनिक स्पीड गन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है. सरकार का मानना है कि प्रशासन, पुलिस और आम जनता के सहयोग से ही सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है. इन प्रयासों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को अधिक सुरक्षित सड़ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है.

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