फरीदाबाद के हरकेश कॉलोनी में जान हथेली पर लेकर लोग करते हैं नहर को क्रॉस, स्थानीय लोगों का आरोप कोई सुनने वाला हो तब तो बोंले
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जर्जर पानी के पाइप के सहारे नहर पार करने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

Published : February 22, 2026 at 5:37 PM IST
फरीदाबाद: कहने को तो फरीदाबाद स्मार्ट सिटी है लेकिन अभी भी ऐसा लग रहा है मानों स्मार्ट सिटी के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. जिले में आज भी कई ऐसी जगह है जहां पर मूलभूत सुविधा लोगों के पहुंच से बाहर है. ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि फरीदाबाद स्थित हरकेश कॉलोनी और आसपास की कॉलोनी में रहने वाले हजारों लोग जान जोखिम में डालकर अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाते हैं.

जल्दी पहुंचने के चक्कर में पाइप के सहारे करते हैं पारः इसका कारण है कि हरकेश कॉलोनी के पास से गुजर रही नहर के ऊपर कभी पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन डाली गई थी और आज वह पाइपलाइन जर्जर अवस्था में है. स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर उस पाइपलाइन पर चढ़कर नहर क्रॉस करते हैं. अगर इस पाइपलाइन का सहारा नहीं लिया जाय तो नहर क्रॉस करने के लिए स्थानीय लोगों को एक से डेढ़ किलोमीटर दूरी तय करके पुल के जरिए नहर क्रॉस करना पड़ता है. ऐसे में लोग जल्दी बाजी की वजह से 2 मिनट में उस पानी के पाइप लाइन के उपर चढ़कर नहर पार कर लेते हैं. हालांकि इस दौरान कई हादसे भी हुए है कई लोगों की नहर में गिरने से मौत भी हो चुकी है.
'मजबूरी में पाइप लाइन का लेते हैं सहारा': स्थानीय निवासी प्रवेश ने बताया कि "मैं रोज इसी रास्ते से गुजरता हूं. हालांकि इस दौरान डर भी लगता है लेकिन क्या करें मजबूरी है, क्योंकि अगर हम पुल क्रॉस के करके जायेंगे तो हमें एक से डेढ़ किलोमीटर घूम कर जाना पड़ेगा जिसमें समय बहुत लगता है. इस पाइप लाइन के जरिए नहर पार करने में मात्र 2 मिनट लगता है. हालांकि इस दौरान कई हादसे से भी हुए हैं और कई लोग नहर में गिर भी गए हैं लेकिन क्या करें मजबूरी है. इसी रास्ते से होते हुए हम रोज जाते हैं और आते हैं."

कई बार पुल के लिए प्रशासन से लगा चुके हैं गुहारः वहीं हरकेश कॉलोनी में रहने वाले धर्मेंद्र ने बताया कि "मैं पिछले 8 सालों से इसी से होते आता-जाता हूं, रात को लेट भी हो गया तो इसी रास्ते से मैं आता हूं क्योंकि इस रास्ते से जाने-आने में समय कम लगता है. वहीं अगर हम घूम कर जाएं तो समय काफी लग जाता है. ऐसे में डर तो लगा रहता है. हालांकि हमने प्रशासन से भी कई बार गुहार लगाई है कि यहां पर पुल बनाया जाए लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है."

सरकार या तो यहां पर पुल बनाए या फिर इसे बंद कर देः स्थानीय निवासी अमोद कुमार ने बताया कि "हमारी मजबूरी है की लोहे के पाइप पर चढ़कर आने-जाने की. कारण है की हम लोग नौकरी-पेशे वाले लोग हैं और देरी होने की वजह से हमारी सैलरी कट जाती है. इसीलिए हम यहीं से आते जाते हैं. डर तो लगा रहता है. कई लोग नहर में गिर भी गए हैं और कई लोगों की मौतें भी हो गई है. मेरे सामने ही एक व्यक्ति गिरा था जिसकी मौत हो गई. सरकार या तो यहां पर पुल बनाए या फिर इसे बंद कर दे. क्योंकि जो पुल पल्ला और एत्मादपुर में बनाया गया है वह काफी दूर है. वहां से होते हुए जाने में समय भी ज्यादा लगता है और इसीलिए लोग इसी पाइप के जरिए आते-जाते हैं."
पार्षद ने समाधान का दिलाया भरोसाः वहीं इसको लेकर वार्ड नंबर 28 के पार्षद उमेश शर्मा ने बताया कि "यह काफी पुरानी पाइपलाइन है जिसके जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही थी. लेकिन अब यह पूरी तरह से बंद है और इसकी हालत जर्जर हो गई है. हालांकि लोगों से मना भी किया जाता है कि उस रास्ते का प्रयोग ना करें लेकिन उसके बावजूद भी लोग आ-जा रहे हैं और यह जानकारी मेरे नॉलेज में है. इसको लेकर जल्दी समाधान निकला जाएगा. तब तक मैं लोगों सा अपील करता हूं कि इस रास्ते का प्रयोग न करें."
कई लोगों की हो चुकी है मौतः आपको बता दें इस पाइपलाइन के हजारों की संख्या में लोग रोज आते-जाते हैं और यही वजह है कि यहां पर कई बार हादसे भी हो गए हैं. इस दौरान कई लोगों की जान भी जा चुकी है.

