गणेश आगमन की तैयारी में जुटे बंगाली मूर्तिकार, प्रतिमाओं में दिखेगा महंगाई का असर
छत्तीसगढ़ में मूर्तिकार गणपति प्रतिमाओं को आकार देने में जुट गए हैं.लेकिन महंगाई का असर इस बार मूर्तियों पर पड़ा है.उज्जवल तिवारी की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 1, 2026 at 1:52 PM IST
बलरामपुर : बलरामपुर जिले में गणपति आगमन की तैयारियां शुरु हो गई हैं. इस बार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा.इसके लिए मूर्तिकार अभी से प्रतिमाओं को आकार देना शुरु कर चुके हैं.रामानुजगंज के आसपास बंगाली मूर्तिकारों के लिए ये समय काफी अहम है.क्योंकि उनके साल भर का खर्च गणपति और दुर्गा पूजन के दौरान बेची गई मूर्तियों से ही निकलता है.इसलिए यहां रहने वाले सभी मूर्तिकार कड़ी मेहनत से प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं.
गणपति की डिमांड है ज्यादा
रामानुजगंज के बंगाली मूर्तिकारों की माने तो इस बार पहले की तुलना में गणपति मूर्ति की डिमांड ज्यादा है. लोगों ने पहले से ही ऑर्डर दे रखा है. ऐसे में मूर्तिकार तय समय से पहले ही काम पूरा करना चाहते हैं.इसलिए दिन रात कड़ी मेहनत करके मूर्ति बनाने में जुट चुके हैं.फिर भी महंगे सामान ने मूर्तिकारों पर असर डाला है.क्योंकि पहले की तुलना में इस बार मूर्ति बनाने में लगने वाला सामान महंगा हो चुका है.ऐसे में मूर्तियों को दाम भी बढ़ जाए हैं.

पूरा परिवार साथ मिलकर करता है काम
रामानुजगंज के नजदीक केरवाशीला गांव के रहने वाले बुजुर्ग मूर्तिकार दिलीप ने बताया कि वो छोटी उम्र से ही मूर्तियां बना रहे हैं. उनके पिताजी मूर्ति बनाते थे उनको देखकर उन्होंने इस कला को सीखा.फिर धीरे-धीरे करके घर के सारे लोग इस काम को सीख गए.
इस बार हम यहां गणेश जी की 60-65 मूर्तियां बना रहे हैं हर डिजाइन की मूर्तियां हैं. जिनकी कीमत 1500 रुपए से लेकर 8 हजार तक हैं. मूर्तियां दस फीट से बारह फीट तक हैं. गणेश पूजा के बाद हम दुर्गा और विश्वकर्माजी की प्रतिमाएं भी बनाएंगे- दिलीप, मूर्तिकार

महंगाई का असर मूर्तियों पर
केरवाशीला गांव में ही गणपति की प्रतिमाएं बना रहे बंगाली मूर्तिकार दीपांकर ने भी इस बार महंगाई के असर के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी गणपति प्रतिमा बनाने का काम चालू है.पहले के मुकाबले ऑर्डर ज्यादा आएं हैं.लेकिन अब तक सिर्फ पांच मूर्तियां ही तैयार हो सकी हैं.

महंगाई इस बार ज्यादा है. हर चीज का दाम डबल हो गया है. सुतली का दाम तीन सौ रूपये केजी हो गया है. मूर्ति में लगने वाले पटुआ का दाम भी अधिक हो गया है. रंग पेंट श्रृंगार का सामान सब महंगा हो गया है. मिट्टी लोकल भी है और बाहर से गंगा मिट्टी भी आता है- दीपांकर, मूर्तिकार
छोटी बड़ी सभी मूर्तियों की डिमांड
आपको बता दें कि गणेश पूजा के लिए छोटी बड़ी सभी तरह के मूर्तियों की डिमांड बाजार में है. ऑर्डर के मुताबिक मूर्तिकार अलग-अलग आकार में प्रतिमाएं बना रहे हैं.लेकिन महंगे सामान और बारिश के कारण मूर्तिकारों को प्रतिमाओं को जल्दी तैयार करने में थोड़ी दिक्कत आ रही है. मूर्तिकारों की माने तो पहले जो सामान 10 रुपए का मिलता था आज वो दोगुना हो चुका है.सिर्फ मूर्ति को सजाने वाले सामान ही नहीं बल्कि उसका बेस तैयार करने के लिए जरुरी कच्चा सामान काफी महंगा हो चुका है.इसलिए इस बार गणपति बाजार में पिछले साल की तुलना में थोड़े महंगे बिकेंगे.
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