ETV Bharat / state

ईटीवी भारत की खबर का असर: तनिष्क की मदद को उठे हाथ, अब कोटा में करेगा कोचिंग

परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद सेल्फ स्टडी कर JEE MAIN में तनिष्क जैन 99.3081061 अंक लाए. अब कोटा में कोचिंग करेंगे.

Tanishk Jain and his family
तनिष्क जैन और उनका परिवार (ETV Bharat Kota)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 24, 2026 at 9:47 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

कोटा: जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन (JEE MAIN 2026) में राजस्थान-मध्यप्रदेश बॉर्डर स्थित ट्विन सिटी भवानी मंडी व भैसोदा मंडी के रहने वाले तनिष्क जैन घर पर ही पढ़ाई कर JEE Main में 99.3081061 अंक लाए. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते वह कोटा से कोचिंग नहीं कर पाया था. ऐसे में ऑनलाइन कोचिंग के जरिए पढ़ रहा था. उसकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति एवं प्रतिभा को लेकर ईटीवी भारत ने समाचार प्रकाशित किया. इसके बाद उसकी मदद की राह खुली. उसका कोटा में कोचिंग में जेईई एडवांस्ड की तैयारी के लिए दाखिला कराया गया है. साथ ही हॉस्टल में रहने की व्यवस्था की गई. यह सब नि:शुल्क कराया गया है.

तनिष्क के पिता पारस जैन ने बताया कि राजस्थान पुलिस सेवा के एक अधिकारी ने ईटीवी भारत की खबर पढ़ी. परिवार से संपर्क कर तनिष्क को कोटा बुलाया. तनिष्क की कोटा में निजी कोचिंग संस्थान में जेईई एडवांस्ड के लिए दाखिला करवा हॉस्टल में नि:शुल्क रखने की व्यवस्था की. तनिष्क मई 2026 की जेईई एडवांस्ड परीक्षा की कोचिंग में तैयारी कर रहा है .तनिष्क का कहना है कि वह अच्छे अंकों से जेईई एडवांस्ड क्रैक करना चाहता है, ताकि देश की बेहतर आईआईटी में कंप्यूटर साइंस ब्रांच से बीटेक कर सकें.

पढ़ें: पिता टेलर और दादा मजदूर: अब तनिष्क जैन मेहनत से बदलेंगे भाग्य, JEE Main में हासिल किए 99.30 परसेंटाइल

ऐसे मिली राह: ईटीवी भारत ने 18 फरवरी को "पिता टेलर और दादा मजदूर, अब तनिष्क जैन मेहनत से बदलेंगे भाग्य, JEE Main में हासिल किए 99.30 परसेंटाइल" शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था. इसमें तनिष्क की मेहनत और जज्बे की कहानी थी. इसके बाद उसे कोटा कोचिंग तक पहुंचने की राह मिली. तनिष्क के पिता टेलरिंग शॉप चलाते हैं, जबकि दादा कैलाशचंद जैन हाथ ठेला चलाकर मजदूरी करते हैं. तनिष्क के पिता पारस जैन ने बताया कि तनिष्क ने साल 2025 में जेईई मेन क्लियर करने के बाद एडवांस्ड भी क्रैक की थी. उसको जोसा काउंसलिंग में आईआईटी जम्मू की सिविल इंजीनियरिंग के ब्रांच मिल रही थी, लेकिन उसने कंप्यूटर साइंस में ही बीटेक तय की, इसलिए साल 2026 में दोबारा तैयारी कर रहा है.

इसलिए सरकारी योजनाओं से दूर: तनिष्क का घर भैसोदा मंडी में है, लेकिन पूरी पढ़ाई राजस्थान के स्कूलों में हुई. यह स्कूल उनके घर से 300 मीटर दूर है. मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों प्रदेश नि:शुल्क इंजीनियरिंग और मेडिकल कोचिंग की स्कीम संचालित करते हैं, लेकिन तनिष्क की पढ़ाई राजस्थान में हुई और उनके रहना मध्य प्रदेश में है, इसलिए जनआधार नहीं होने के चलते राजस्थान की अनुप्रति योजना का फायदा नहीं मिला. दूसरी तरफ मध्य प्रदेश की सुपर हंड्रेड योजना का फायदा मध्यप्रदेश बोर्ड से 10वीं पास नहीं होने के चलते नहीं मिला.

पढ़ें: सफाई कर्मी के बेटे का संघर्ष : परिवार के हालात बदलने के लिए कोटा कोचिंग की मदद से JEE MAIN में हुआ सफल