विधानसभा में अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर विपक्ष का वॉकआउट, जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अवैध प्लाटिंग को लेकर सदन में गहमा गहमी देखने को मिली.सत्ता पक्ष के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट दिखा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : March 17, 2026 at 1:24 PM IST
रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को अवैध प्लाटिंग का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा.अवैध प्लाटिंग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को दोनों पक्षों के सवालों का सामना करना पड़ा.विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध प्लाटिंग का कारोबार लगातार जारी है, लेकिन इसे रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हो रही. यह मुद्दा खास तौर पर धमतरी और कांकेर जिलों को लेकर उठाया गया.
अवैध प्लांटिंग के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा
विधायक अंबिका मरकाम ने वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक की शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा. जवाब में मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि धमतरी में 3 और कांकेर में 5 शिकायतें मिलीं. कांकेर में 175 खसरों में से 8 की जांच हो चुकी है, जबकि बाकी मामलों में प्रक्रिया जारी है.उन्होंने यह भी बताया कि तीन पटवारियों का इंक्रीमेंट रोका गया है और कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं.हालांकि विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ. वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कार्रवाई में देरी के लिए SIR को जिम्मेदार ठहराने पर सवाल उठाए. उनका कहना था कि अवैध प्लाटिंग का मामला वर्षों पुराना है, इसलिए हाल की प्रक्रिया को कारण बताना उचित नहीं है.
पूर्व सीएम ने ईओडब्लू से जांच कराने की मांग की
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा.उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में लीपापोती की जा रही है और इसकी जांच ईओडब्ल्यू से कराने की मांग की.साथ ही उन्होंने विधानसभा समिति से जांच कराने का सुझाव भी दिया.
अजय चंद्राकर भी जवाब से हुए असंतुष्ट
मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि राजस्व विभाग खुद जांच करने में सक्षम है और पूरी जानकारी सदन के सामने रखी जाएगी.अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए पूछा कि यदि जमीन की सुरक्षा भू-स्वामी की जिम्मेदारी है, तो राजस्व विभाग की भूमिका क्या रह जाती है.
सदन में विपक्ष का वॉकआउट
बहस के दौरान सदन का माहौल काफी गरम हो गया और अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया. अवैध प्लाटिंग का यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बनता जा रहा है, जिस पर आगे और सियासी टकराव देखने को मिल सकता है.
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