मंदाकिनी के सीने पर बेखौफ खनन, पर्यावरणविदों ने उठाई आवाज, प्रशासन मौन!
उत्तराखंड के कई जिलों में अवैध खनन का काम बेखौफ तरीके से जारी है. इसी तरह की एक तस्वीर रुद्रप्रयाग से सामने आई है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 3, 2026 at 8:07 PM IST
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि-विजयनगर क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप मंदाकिनी नदी के किनारे अवैध खनन का खेल बेखौफ जारी है. नदी के पट्टे क्षेत्र में तय मानकों से बाहर मशीनों से बालू, बजरी और पत्थर का दोहन किया जा रहा है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. स्थानीय लोगों ने इस मामले में पुलिस-प्रशासन से खख्त कार्रवाई की मांग की है.
दरअसल, अगस्त्यमुनि क्षेत्र आपदा की दृष्टि से पहले ही अति संवेदनशील माना जाता है. मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित होने, भूस्खलन और मलबा प्रवाह की प्रवणता के कारण मानसून में यहां खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में अनियंत्रित खनन भविष्य में बड़े भू-कटाव, पुलों को क्षति और राजमार्ग और लिंक मार्ग के ध्वस्त होने जैसी आशंकाओं को जन्म दे रहा है.
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि खनन विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं. दिन-रात चल रही मशीनों की आवाज और लगातार दौड़ रहे डंपर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि खनन गतिविधियां निर्धारित सीमा से कहीं आगे बढ़ चुकी हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित अधिकतम लंबाई-चौड़ाई की सीमा से बाहर खुदाई की जा रही है. नदी तट के समीप बसे जंगलों और कृषि भूमि पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है. स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में गंभीर पर्यावरणीय और मानवीय संकट उत्पन्न हो सकता है.
प्रसिद्ध पर्यावरणविद जगत सिंह जंगली ने कहा कि मंदाकिनी नदी का अस्तित्व खतरे में है. उत्तराखंड में पूर्व में अवैध खनन के कारण कई नदियों के तटों पर आपदाएं बढ़ी हैं और अगस्त्यमुनि का मामला भी उसी दिशा की ओर संकेत कर रहा है.
पर्यावरण विशेषज्ञ देवराघवेंद्र बदरी ने भी इस मुद्दे पर प्रशासन को आगाह करते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि नदी तंत्र के साथ छेड़छाड़ सीधे तौर पर आपदा को न्योता देना है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन समय रहते सख्त कदम उठाएगा, या फिर संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में खनन माफियाओं की मनमानी यूं ही जारी रहेगी? मंदाकिनी और उससे जुड़े जनजीवन की सुरक्षा को लेकर पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं.
वहीं इस मामले पर जब रूद्रप्रयाग के उप निदेशक खान वीरेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंदाकिनी नदी में अवैध खनन की शिकायतों के संबंध में जांच कराई जाएगी. हालांकि, स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खुलेआम मशीनें चल रही हैं तो जांच की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
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