ठेमली आईलैंड में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़,नदी पार कर अड्डे पर पहुंची पुलिस, महुआ लहान किया नष्ट
धमतरी के पर्यटन हब ठेमली आईलैंड में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने 1 हजार लीटर महुआ लहान नष्ट किया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 24, 2026 at 8:03 PM IST
धमतरी : धमतरी में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पर्यटन स्थल ठेमली टापू पर अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था,जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है.आपको बता दें कि ठेमली टापू को जिला प्रशासन पर्यटन स्थल बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है.ताकि आने वाले दिनों में ठेमली आईलैंड एक मनोहर पर्यटन स्थल के रुप में विकसित हो सके. लेकिन नशे के सौदागरों ने इसी टापू पर अपनी अवैध शराब फैक्ट्री संचालित कर रखी थी.
एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
एसपी के निर्देशन में रुद्री और केरेगांव पुलिस की टीम को जांच के लिए भेजा गया. पुलिस अधिकारी और जवान नाव से टापू पर पहुंचे, जहां छापेमारी के दौरान लगभग 1 हजार लीटर महुआ लाहन नष्ट किया गया. इसके साथ ही स्टील के बर्तन और ड्रम भी जब्त किए गए है. इस कार्रवाई से अवैध शराब बनाने वालों में हड़कंप मच गया है. आपको बता दें कि जिस जगह पर पुलिस ने कार्रवाई की है वहां पर मिट्टी के बड़े-बड़े चूल्हे भी बनाए गए थे,जिनमें अवैध शराब बनाने का काम होता था.
रुद्री और केरेगांव पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा. ठेमली आइलैंड के जंगल क्षेत्र में तलाशी के दौरान अवैध शराब निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्रियां बरामद की गई है. पुलिस को वहां 5 बड़े ड्रम मिले, जिनमें कुल करीब 1000 लीटर महुआ लाहन भरा हुआ था. इस सामग्री को मौके पर नष्ट कर दिया गया और विधिवत पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया गया- शैलेंद्र पाण्डेय, एएसपी
अवैध शराब बनाने का सामान जब्त
पुलिस को मौके से 200 लीटर क्षमता के नीले और काले प्लास्टिक ड्रम 5 नग, छोटे प्लास्टिक ड्रम 3 नग,जर्मन गंजी 6 नग ,स्टील गंजी 5 नग ,लोहे के चूल्हे 4 नग और घमेला 6 नग मिले हैं. पुलिस का दावा है कि छापेमारी के समय मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. पास के गांवों में जाकर पूछताछ की गई, लेकिन स्थानीय निवासियों ने किसी भी जानकारी से इंकार कर दिया. अब सवाल यह उठता है कि इस टापू पर महुआ शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री कौन संचालित कर रहा था.

वन संपत्ति को भी पहुंचाया गया नुकसान
शराब बनाने के लिए जंगल की लकड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे उस इलाके में रहने वाले वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है. इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर प्रशासन को चाहिए कि वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों और मैदानी टीम की सहायता से एक बड़ा सर्च अभियान चलाया जाए. यही नहीं अवैध महुआ फैक्ट्री संचालित करने वालों को बेनकाब कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि इस तरह के अवैध कार्यों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सके.
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