यमुनानगर के जंगल में खैर की कटाई से हड़कंप, 200-300 पेड़ कटने का आरोप, विभागीय कर्मचारियों पर तस्करों से सांठगांठ का आरोप
यमुनानगर के डारपुर जंगल में खैर पेड़ कटाई से हड़कंप मच गया. ग्रामीणों ने तस्करी में विभागीय कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है.

Published : August 26, 2026 at 12:38 PM IST
यमुनानगर: यमुनानगर के डारपुर बीट के जंगल में खैर के पेड़ों की कथित अवैध कटाई को लेकर ग्रामीणों ने वन्यजीव विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में लंबे समय से खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चल रही है और अब तक करीब 200 से 300 पेड़ काटे जा चुके हैं.
ग्रामीणों ने तस्करी के लगाए आरोप: ग्रामीण इरफान खान ने कहा कि, "जंगल से काटी गई खैर की लकड़ी को कथित तौर पर तस्करी के जरिए बाहर भेजा जा रहा है. कटाई से जुड़ी बड़ी मात्रा में लकड़ी विभागीय कर्मचारियों से जुड़े स्थानों तक भी पहुंच रही है.हमने विभाग को इसकी जानकारी दी और लकड़ी से जुड़े सबूत भी दिए हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई."
छत पर 40-50 क्विंटल लकड़ी होने का दावा: वहीं, ग्रामीण नसीम खान ने कहा कि, "विभागीय कर्मचारियों के घर की छत पर करीब 40 से 50 क्विंटल खैर की लकड़ी पड़ी होने की जानकारी और सबूत उन्होंने अधिकारियों के सामने रखे हैं. यदि इन आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से हो तो अवैध कटाई और तस्करी का पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है.
कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप: ग्रामीणों ने वन्यजीव विभाग के गार्ड प्रदीप और कर्मचारी आरिफ पर कथित तौर पर खैर तस्करों से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं. नसीम खान ने आगे कहा कि, "जब हम जंगल में अवैध कटाई और तस्करी की सूचना विभाग को देते हैं तो कई बार कार्रवाई करने के बजाय ग्रामीणों पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं."
"दोषी मिला तो होगी कार्रवाई": मामले में डारपुर बीट के दरोगा नरेश कुमार ने कहा कि, "यदि किसी वन्यजीव विभाग के कर्मचारी की छत पर खैर की लकड़ी या कटे हुए पेड़ पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. खैर की अवैध कटाई रोकने के लिए विभाग की ओर से सख्ती बरती जा रही है."
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