कबीरधाम जिले में नर चीतल का अवैध शिकार, दावत से पहले वन विभाग ने घेराबंदी कर 7 आरोपियों को पकड़ा
दावत के लिए फंदे में फंसाकर चीतल का किया शिकार फिर कुल्हाड़ी से काटकर की हत्या, जाल, फंदे समेत कई सामग्री मिली

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 5, 2026 at 5:03 PM IST
कवर्धा. कबीरधाम जिले में अवैध शिकार का मामला सामने आया है. बोड़ला वन परिक्षेत्र अंतर्गत भलपहरी बीट के जंगल में वन विकास निगम की स्पेशल टीम ने आधी रात को छापेमार कार्रवाई की. इसमें 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों ने जंगल में फंदा लगाकर एक चीतल को फंसाया और कुल्हाड़ी से काटकर उसकी हत्या कर दी थी.

मांस पकाने से पहले एक्शन
टीम ने समय रहते दबिश देकर आरोपियों को मांस पकाने से पहले ही दबोच लिया. जानकारी के अनुसार कक्ष क्रमांक आरएफ-2/6 में शिकारियों ने पहले जाल बिछाकर चीतल को फंसाया, फिर कुल्हाड़ी से हत्या की. इसके बाद वे मृत चीतल के मांस के टुकड़े कर दावत की तैयारी में जुटे थे.
जाल, फंदे समेत कई सामग्री मिली
वन विकास निगम की स्पेशल टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब चीतल का मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले नायलॉन के जाल, लोहे के तार से बने फंदे, लकड़ी के डंडे और 3 कुल्हाड़ियां जब्त की हैं. वन विभाग ने मौके से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए हैं.
आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39(1)(3), 44, 50, 51(1)(2) सहित भारतीय वन अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है- पितांबर साहू, वन विकास निगम अधिकारी
वन विभाग की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों का शिकार गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और शिकार जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

