छत्तीसगढ़ विधानसभा में फ्लाई एश और कोयले की अवैध डंपिंग पर कार्रवाई पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
छत्तीसगढ़ बजट सत्र में फ्लाई एश और कोयले की डंपिंग के मुद्दे पर बहस के दौरान पक्ष विपक्ष ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 27, 2026 at 2:06 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 2:14 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही के पांचवे दिन प्रश्नकाल में प्रदेश में फ्लाई एश और कोयले की अवैध डंपिंग के मामलों पर हो रही कार्रवाई का मुद्दा उठा. विधायक उमेश पटेल ने सदन में इससे जुड़ा सवाल पूछा.
फ्लाईएश और कोयला की अवैध डंपिंग के मुद्दे पर हंगामा
विधायक उमेश पटेल ने सवाल किया "क्या वित्त मंत्री बताएंगे कि रायगढ़ जिले में कार्यरत कितने उद्योगों से फ्लाईएश डंप किया जाता है? वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में 04/02/2026 तक फ्लाईएश के अवैध डंपिंग के कितने मामले दर्ज किए गए हैं और उन पर क्या कार्रवाई की गई है? क्या बिना अनुमति के फ्लाइएश के डंपिंग का कोई मामला दर्ज किया गया है? रायगढ़ जिले में फ्लाईएस और कोयले के परिवहन से प्रदूषित पर्यावरण में सुधार के लिए कार्य योजना क्या है? इस योजना का कितना कार्यान्वयन हुआ है?
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस प्रश्न का जवाब दिया. उन्होंने सदन को बताया कि फ्लाई एश से संबंधित कुल 49 केस है. इनमें उद्योग द्वारा क्षतिपूर्ति राशि 6 लाख 90 हजार जमा करते हुए फ्लाई एश का समतलीकरण कर बिछाने का काम किया गया. शिकायत पर कार्रवाई की गई.
विधायक उमेश पटेल ने आगे कहा कि 22 अप्रैल 2025 को शिकायत की गई, जिसका समाधान 16 दिसंबर 2025 को हुआ. पिछले सत्र में 17 दिसंबर को यही प्रश्न लगा था. विधायक ने मंत्री चौधरी से कहा कि आपके अधिकारी आपको धोखा दे रहे हैं. विधायक ने फ्लाई ऐश के पोस्टर दिखाए और कहा कि आपके अधिकारी गलत जवाब दे रहे हैं क्या आप उनपर कार्रवाई करेंगे.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब दिया कि पिछले सरकार के समय जो कार्रवाई होती थी उससे 10 गुना ज्यादा कार्रवाई ट्रांसपोर्टेशन में कार्रवाई हो रही है. साल 2021-22 में ट्रांसपोर्टेशन पर कांग्रेस सरकार में कोई कार्रवाई नहीं की गई. साल 2022-23 में भी जीरो कार्रवाई हुई. 2023- 24 में 9 लाख पैनाल्टी लगाई गई.
विधायक ने कहा कि पर्यावरण विभाग के अधिकारी कोई काम नहीं कर रहे हैं. फ्लाई एश रोड पर डंप किया जा रहा है. आपको गलत जवाब दिया जा रहा है.
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि साल 2021-22 में जीरो 2022-23 में जीरो, केंद्र से लॉक डाउन तो आपकी सरकार ने लगाया था. वित्त मंत्री ने कहा कि इस दौरान कोई लॉकडाइन नहीं लगाया गया था. लॉकडाउन 23 मार्च 2020 को लगाया गया था. इसके बाद सदन में मौजूद पक्ष विपक्ष के विधायक एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे.
विधायक उमेश पटेल ने फिर सवाल पूछा कि कितने लाख मीट्रिक टन रायगढ़ में उत्पादन हो रहा है औऱ इसका कितना प्रतिशत निराकरण हो रहा है. इसका जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एसओपी जारी किया गया है. इंटीग्रेटेड सिस्टम भी बताया गया है. इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि सदन को मंत्री जी गुमराह कर रहे हैं और ये कहते हुए विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन कर दिया. वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष अनर्गल राजनीति कर रहे हैं.
वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने पर कांग्रेस का बहिर्गमन
इससे पहले भी बालोद विधायक संगीता सिन्हा के सवाल पर भी सदन में हंगामा हुआ. बजट में शामिल कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने के मुद्दे पर पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक हुई. वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

