संभल में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण, कार्रवाई के आदेश
गाटा संख्या 411 वृक्षारोपण की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 1, 2026 at 9:05 PM IST
संभल: कब्रिस्तान और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा कर बनी मस्जिद के खिलाफ, तहसीलदार न्यायालय ने बेदखली का आदेश जारी किया है, मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के विरुद्ध जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की है, तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ गांव में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की भूमि पर हुए अवैध निर्माण की पैमाइश की है.
पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद संभल का है, शुक्रवार दोपहर 2 बजे थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरुआ में तहसीलदार धीरेंद्र सिंह और नायब तहसीलदार दीपक जुरैल अपनी टीम के साथ कब्रिस्तान और ग्राम समाज की भूमि की पैमाइश करने पहुंचे, गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की भूमि है, जिस पर एक मस्जिद और तीन मकान बने हुए हैं.
इसके अतिरिक्त, गाटा संख्या 410, जो गड्ढे की भूमि है, पर 600 वर्गमीटर में आठ मकान बने पाए गए. इसी भूमि पर बनी मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में भी दर्ज है. गाटा संख्या 411 वृक्षारोपण की जमीन है, जहां गांव के एक व्यक्ति द्वारा 1001 वर्गमीटर में खेती की जा रही है.
तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव कसेरुआ के निवासियों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर कब्रिस्तान की जमीन सुरक्षित करने की मांग की थी, अभिलेखों की जांच में पाया गया कि कब्रिस्तान की भूमि पर मस्जिद बनाकर कब्जा किया गया है, जिसके विरुद्ध धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई हैं.
इस मामले में लेखपाल की शिकायत पर पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है, मौके पर एक मस्जिद, 11 मकान और लगभग 1000 वर्गमीटर भूमि पर खेती की जा रही है. आरक्षित ग्राम सभा संपत्ति पर अवैध कब्जा कर ग्राम समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है, ये राजस्व विभाग की टीम का कहना है.
तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के लोगों द्वारा,जिलाधिकारी महोदय को एक आवेदन दिया गया था कि उनके गांव में कब्रिस्तान की जमीन नहीं है, इसे जमीन को सुरक्षित किया जाए. जब अभिलेखों की जांच कराई गई, तो पाया गया कि कब्रिस्तान की जमीन पर मस्जिद बनाकर कब्जा कर लिया गया है, इसके विरुद्ध धारा 67 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है. इसमें मस्जिद कमेटी की ओर से प्रतिभाग भी किया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह सिद्ध हो सके कि मस्जिद उनकी निजी भूमि पर बनी हुई है.
तहसीलदार धीरेंद्र ने बताया कि न्यायालय द्वारा इनके विरुद्ध बेदखली का आदेश पारित किया जा चुका है, जिसके विरुद्ध इन्होंने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की है, इसी क्रम में जांच की गई है और अगली कार्रवाई न्यायालय के निर्णय के अनुसार की जाएगी. यह गाटा संख्या 409 है, जिसमें लगभग 1100 से 1200 वर्गमीटर में यह मस्जिद बनाई गई है, जो मूलतः कब्रिस्तान की भूमि है, कब्रिस्तान की भूमि पर मस्जिद बनाना न केवल विधिक दृष्टिकोण से गलत है, बल्कि धार्मिक मान्यताओं के आधार पर भी इसे उचित नहीं माना जाता है.
फिलहाल मामला डीएम न्यायालय में विचाराधीन है, अपीलीय न्यायालय से जो भी निर्णय आएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. कुछ मकानों की भी जांच की जा रही है, जिन पर धारा 67 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी. ग्राम समाज की भूमि पर मकान बनाने वाले लोगों को अवगत करा दिया गया है, यदि वे स्वयं निर्माण हटा लेते हैं तो बेहतर होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध भी धारा 67 के तहत कार्रवाई किया जाएगा.
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