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एनटीपीसी कोरबा पर 90 लाख रुपये का जुर्माना, अवैध राख डंपिंग पर पर्यावरण संरक्षण मंडल का सख्त रुख

कोरबा एनटीपीसी पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अवैध तरीके से राख डंप करने पर 90 लाख का जुर्माना लगाया है.

NTPC Fined of ninety lakh
एनटीपीसी 90 लाख रुपये का जुर्माना (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : September 2, 2026 at 6:32 PM IST

5 Min Read
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कोरबा : ​प्रदेश की ऊर्जाधानी कोरबा में पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. देश की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी (NTPC) पर अवैध रूप से फ्लाई ऐश (राखड़) डंप करने के मामले में 90 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है. पर्यावरणीय मानदंडों के उल्लंघन और नियमो के विपरीत जाकर राख का खुले में भंडारण करने पर आज करवाई की गई है. एनटीपीसी के धनरास स्थित राखड़ डैम से राख रायपुर के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग में डंप किया जाना था, लेकिन इसके स्थान पर इस राख को किसी अन्य स्थान पर खुले में डंप कर दिया गया. इसके बाद यह मामला पर्यावरण संरक्षण मंडल के संज्ञान में आया.



​क्या है पूरा मामला :
​कोरबा जिले में संचालित एनटीपीसी परियोजना के तहत राख के सुरक्षित निष्पादन और परिवहन के लिए निर्धारित नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही थी. एनटीपीसी के अधीन राख उठाव और परिवहन के लिए निविदा जारी की जाती है. जिसका काम अनुबंधित एजेंसी पूरा करती है. पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्थानीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, उद्योगों को फ्लाई ऐश का प्रबंधन वैज्ञानिक तरीकों से करना होता है. ताकि आसपास की हवा, जल स्रोत और उपजाऊ जमीन प्रदूषित न हों. ​31 अगस्त की रात को पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी को सूचना मिली कि एनटीपीसी के धनरास स्थित राखड़ डैम से राख लेकर निकले ट्रक अवैध रूप से छुरी में राख डंप कर रहे हैं. जांच में पाया गया कि प्रबंधन तय स्थान के बजाय अनधिकृत क्षेत्रों में अवैध रूप से राख का डंप करवा रहा था.

एनटीपीसी कोरबा पर 90 लाख रुपये का जुर्माना (Etv Bharat)



पर्यावरण संरक्षण मंडल का कड़ा रुख
​इस मामले में सूचना मिलने पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने 31 अगस्त की रात को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण ने जांच की और नियमों के स्पष्ट उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद यह कड़ा जुर्माना ठोका है. 90 लाख रुपये के इस भारी जुर्माने से औद्योगिक अमले में हड़कंप मच गया है. जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की सख्त वित्तीय कार्यवाहियों से अन्य उद्योगों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण कानूनों का पूरी तरह से पालन करना सुनिश्चित करना होगा.

NTPC Fined of ninety lakh
अवैध राख डंपिंग पर 90 लाख रुपये का जुर्माना (ETV BHARAT CHHATTISGARH)



90 लाख रुपए का लगाया गया जुर्माना
पर्यावरण संरक्षण मंडल के रीजनल ऑफिसर(आरओ) प्रसन्ना सोनकर ने बताया कि 31 अगस्त को हमें सूचना मिली थी कि एनटीपीसी छुरी में अवैध रूप से राख डंप करवा रहा है. मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जिसमें पाया गया कि छुरीखुर्द के पास एक सब स्टेशन है, जहां एनटीपीसी के राख लोडेड चार गाड़ियों को राख परिवहन और डंपिंग करते पाया गया, इसके एवज में 90 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है.

इस राख को एनएचएआई अभनपुर के लिए भेजा जाना था. जिसे राखड़ बांध के पास छुरी में डंप किया जा रहा था.अनुमानित तौर पर 6000 टन राख डंप किया गया था, इसकी मात्रा के हिसाब से 90 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति की गणना कर एनटीपीसी पर जुर्माना लगाया गया है- प्रसन्ना सोनकर, आरओ, पर्यावरण संरक्षण मंडल


कंपनी देती है भुगतान फिर भी लापरवाही
इस तरह के मामले कोरबा जिले में अक्सर चर्चा में रहते हैं. जिनके अनुसार पावर प्लांट से उत्सर्जित राख को अनुमति प्राप्त स्थान डंप ना करते हुए आसपास किसी स्थान पर अवैध तरीके से फेंक दिया जाता है. जिससे, एक तरफ स्थानीय लोग परेशान होते हैं, तो दूसरी तरफ परिवहन में लगने वाली एक बड़ी राशि की बचत होती है. जबकि अनुबंध स्थान पर राख के परिवहन के लिए राख उठाव और परिवहन के लिए अनुबंधित ठेका कंपनी को औद्योगिक उपक्रमों से मोटी रकम का भुगतान किया जाता है.इस कार्रवाई के बाद इस तरह के बड़े खेल से पर्दा उठा है. जिसकी चर्चा सुर्खियों में है.

राख के ढेर पर ऊर्जाधानी की नींव

आंकड़ों पर गौर करें तो औसतन कोरबा जिले से प्रतिदिन 50 हजार टन से भी अधिक राख का उत्सर्जन सभी प्लांटों से होता है. यदि पावर प्लांट पूरी क्षमता से कार्य करेंगे तब यह मात्रा और ज्यादा बढ़ जाएगी.प्लांट प्रबंधन राख का निपटारा सही तरीके से नहीं कर रहा है.इसका ताजा उदाहरण छुरी की घटना में देखने को मिला है. लेकिन पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने एनटीपीसी की इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए भारी भरकम जुर्माना ठोका है.


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