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Hair Power: अब इंसानी बाल बनेंगे किसानों का सहारा, प्राकृतिक यूरिया का जोरदार विकल्प

गोरखपुर के ऋतिक को मिली बड़ी सफलता, बालों से खाद बनाने की ये वजह बताई.

युवा रिसर्चर ने इंसानी बालों से खाद बनाया.
युवा रिसर्चर ने इंसानी बालों से खाद बनाया. (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 2:49 PM IST

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Updated : March 3, 2026 at 6:05 PM IST

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कानपुर: (समीर दीक्षित) क्या इंसान के बालों से खाद बनाई जा सकती है? इसका जवाब हां है. इंसान के बालों से पौधों की बढ़िया ग्रोथ हो सकती है. यह बाल यूरिया का प्राकृतिक विकल्प बन सकते हैं और इनसे खाद तैयार की जा रही है.

पंजाब विश्वविद्यालय के रिसर्चर और गोरखपुर निवासी ऋतिक ने बताया कि साल 2018 में पंजाब विवि में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट पर काम करते हुए इंसानी बालों से खाद तैयार करने का जो आइडिया था, अब वह धरातल पर है.

युवा रिसर्चर ने इंसानी बालों से खाद बनाया (Video Credit: ETV Bharat)

फाइल किया पेटेंट: ऋतिक के इस स्टार्टअप को जहां IIT कानपुर से बाकायदा 20 लाख रुपए से अधिक की फंडिंग की गई है. वहीं, पंजाब विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. कश्मीर सिंह ने अपने लैब में टेस्ट करके पेटेंट फाइल कराया है. साथ ही इस शोध की प्रमाणिकता पर मुहर लगाई है.

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बालों से खाद. (Photo Credit: ETV Bharat)

बालों में भरपूर नाइट्रोजन: ETV भारत से बातचीत के दौरान ऋतिक ने बताया कि बालों में नाइट्रोजन की अच्छी मात्रा मौजूद रहती है. हमने इंसानी बालों को इकट्ठा करने के बाद उन पर केमिकल टेस्ट किए.

कुछ एंजाइम्स मिलाकर साल 2022 में पहला प्रोडक्ट प्लाटं ग्रोथ प्रमोटर के तौर पर तैयार कर दिया. अब पंजाब, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इसकी बिक्री हो रही है.

ऋतिक ने कहा कि मौजूदा समय में उनका उत्पाद गार्डनिंग के लिए बहुत इफेक्टिव है. अब वह इसे खेती के लिए और बेहतर करने जा रहे हैं. ऋतिक ने पंजाब विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है.

ऋतिक का दावा है कि अभी तक भारतीय बाजारों में इंसान के बालों से तैयार खाद मौजूद नहीं है. उनका यह प्रोडक्ट धीरे-धीरे डिमांड में आ रहा है. आने वाले समय में इसे और कारगर बनाया जाएगा.

यूरिया से 11 प्रतिशत बेहतर: ऋतिक ने बताया कि जिस तरह इंसान के शरीर के विकास को लेकर प्रोटीन की भूमिका अहम होती है. ठीक वैसे ही हमने प्लांट ग्रोथ प्रमोटर तैयार किया. यह यूरिया से 11 प्रतिशत अधिक असरदार है.

यह पूरी तरह से खाद के रूप में है. इसे 10 ML से 100 ML की बॉटल में लांच किया गया है. इसे रेडी टू यूज की तर्ज पर उपयोग किया जा सकता है. ऋतिक ने कहा कि एक से दो महीने में ही पौधे के अंदर ग्रोथ देखी जा सकती है.

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बाजारों में इसकी चर्चा. (Photo Credit: ETV Bharat)

50 किलोग्राम बाल प्रतिमाह लैब में आते है: ऋतिक ने बताया कि इंसानी बालों के लिए उन्होंने कुछ हेयर कटिंग सैलून से संपर्क किया है. इससे औसतन 50 किलोग्राम बाल प्रतिमाह उनकी लैब में पहुंचते हैं.

उन्होंने बताया कि 50 किलो बाल से 150 लीटर लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार हो जाता है. एक किलोग्राम इंसानी बालों से 3 लीटर तक खाद तैयार होती है. इंसानी बालों के अलावा कुछ प्राकृतिक एंजाइम्स को इसके मिश्रण में मिलाया जाता है.

डिमांड में है प्रोडक्ट: ऋतिक ने बताया कि बालों में नाइट्रोजन, प्रोटीन व एमिनो एसिड होता है. कई महीने तक जब इंसानी बालों से नाइट्रोजन व प्रोटीन अलग करने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय की लैब में केमिकल टेस्ट किए तो काफी हद तक सफलता मिल गई.

साल 2022 में इंसानी बालों से तैयार खाद का सब्जियों व गार्डनिंग वाले पौधों पर परीक्षण किया, जिसमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिली. फिर इसका पेटेंट फाइल कराया. अब यह उत्पाद बाजारों में है और इसकी खूब डिमांड है.

प्रो. कश्मीर सिंह का बयान.
प्रो. कश्मीर सिंह का बयान. (Photo Credit: ETV Bharat)

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Last Updated : March 3, 2026 at 6:05 PM IST